प्रतापगढ़ के 50 गांवों को मिला खुद की नदी का पानी

खुद की नदी? यह सुनकर चौंक जरूर गये होंगे और सोच रहे होंगे कि नदी भी कहीं खुद की हो सकती है। यह तो प्राकृतिक संपदा है, जिस पर सबका हक है। लेकिन फिर भी हम यही कहेंगे कि प्रतापगढ़ में बहने वाली बकुलाही नदी यहां के लोगों की अपनी नदी है।

Bakulahi River

जी हां 30 वर्षों से सूखी पड़ी नदी में एक बार फिर से पानी की धारा चल पड़ी है। इसके पीछे संघर्ष है, तप है और त्याग भी, लेकिन अब जो मिला है, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है।

कैसे सूखी बकुलाही नदी

तकरीबन 30 वर्षो पूर्व बकुलाही नदी की प्राकृतिक धारा से छेड़छाड़ की गयी थी। यह छेड़ छाड़ नैसर्गिक कम राजनीतिक अधिक थी। 18 किमी0 लम्बी बकुलाही नदी की मूलधारा का अपहरण कर लिया गया था। 18 किमी0 दूरी की जलधारा के तट पर बसे 25 गांवों से उनकी नदी उनके जीने का आसरा छीन ली गयी थी।

तभी से लगातार पूरे तोरई, पूरे वैष्णव, जदवापुर, सरायदेवराय डीहकटरा, छतौना, मनेहू, हिन्दूपुर, बाबूपुर, सरायमेदीराय, बरईपुर, मिश्रपुर, सिउरा, हैसी, बुकनापुर, पनई का पूरा, शोभीपुर, जमुआ, वैरीसाल का पुरवा, रामनगर, भटपुरवा, ढेमा और गौरा आदि तकरीबन दो दर्जन गांवों की सारी खुशियाँ छिन गयी। धीरे-धीरे समय बीतता गया और उक्त गांवों की हरियाली और खुशहाली दोनो ही रुठ गयी।

Bakulahi River Map

उपरोक्त 50 गांवों से बकुलाही की धारा क्या गयी उनकी मुस्कुराहट की विलुप्त हो गयी। जल स्तर धीरे-धीरे पातालमुखी हो गया। सिंचाई के लिए फसलें तरसने लगी। वन क्षेत्र उजाड़ होने लगे। प्रवासी पक्षियों ने पलटकर देखना बंद कर दिया। समय बीतता गया और उपरोक्त 25 गांवों की लगभग 1 लाख आबादी के बीच अपनी नदी बकुलाही को पुनः पाने की ललक और पानी की प्यास बढ़ती ही चली गयी।

बकुलाही नदी के बीच आ गई पाइपलाइन

इसी बीच गेल इण्डिया ने नदी के मार्ग में अपनी पाइप लाइन बिछा रखी है। गौरतलब है कि प्रायः नदी के बीच से गुजरने वाली पाइप लाइन बिछाने के मानक कुछ अलग होते हैं। परन्तु गेल इण्डिया की पाइप लाइन बिछाने के पूर्व ही बकुलाही की धारा का अपहरण हो चुका था जिसका नतीजा हुआ कि गेल इंण्डिया ने 'बिना पानी के नदी' पाकर यहां नदी मानक के अनुसार पाइप लाइन नहीं बिछाया।

पिछले 30 वर्षों से प्रतापगढ़ जनपद के दक्षिणांचल के करीब 50 गांवो में यह मुद्दा ज्वालामुखी की तरह सुलगता रहा। लेकिन समाज जब जाग जाता है तो जन संघर्ष की नींव रखी जाती है और यही जनसंघर्ष बड़े-बड़े जनान्दोलनों को जन्म देते हैं। जी हां ठीक वैसा ही हुआ।

Bakulahi River

बकुलाही का मुद्दा समाजसेवी समाज शेखर ने उठाया और अपने साथ‍ियों के साथ मिलकर इसे जनआंदोलन में तब्दील कर दिया। उन्होंने जब बकुलाही पुनरोद्धार की कल्पना की तब शायद वे भी नहीं जानते थे, कि पचीस वर्षों से लगातार पानी की प्यास को अपनी आँखों से प्रकट करती 80 हजार की आबादी पानी के लिए इस प्रकार उद्वेलित हो जाएगी।

25 वर्षों के प्रयासों के बाद मिली विलुप्त धारा

बकुलाही पुनरोद्धार के पुरोधा समाज शेखर ने जब नदी की विलुप्त हुई प्राकृतिक धारा को पुनः 25 वर्षो बाद बहाल करने का प्रयास शुरू किया तो एक लाख प्यासे लोगों को मानो संजीवनी मिल गयी। नतीजा यह हुआ कि कदम से कदम जुड़ते गए। बाहो से बांहे मिली। पहले 'जन' जागा फिर 'जनसमूह' तत्पश्चात जनता जागी और जनसैलाब उमड़ पड़ा।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दिया साथ

भूजल दिवस निकट था। सूबे के नव निर्वाचित सरकार के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भूजल सप्ताह मनाने का संकल्प लिया। यही संकल्प बकुलाही पुत्रों ने धरातल पर यथार्थ कर दिखाया। बकुलाही पंचायत का निर्णय पत्थर की लकीर ही नही मील का पत्थर साबित हुआ।

Bakulahi River

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आह्वान को अपनी आवाज बनाते हुए बकुलाही के सपूतों ने भूजल सप्ताह के पूर्व ही नदी का नजारा ही बदल डाला। श्रमदान को आन्दोलन से जोड़कर बकुलाही नदी पर कच्चा बांध बनाया गया और नदी की धारा को उसके प्राकृतिक मार्ग पर जाने के लिए घुमाया गया।

18 किलोमीटर लंबा मार्ग

18 किमी0 लम्बे नदी के पुराने मार्ग में हुए अवरोधों को हटाते चले गए और 25 वर्षों बाद अपने पुत्रों पर अपनी ममता लुटाने बकुलाही मैया उनके पीछे-पीछे चल पड़ीं।

परिणामतः 18 किमी0 बकुलाही में हुआ जल संचयन जनपद का ही नही अपितु पूरे राज्य का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण बन गया।

बकुलाही समाज एवं समाज शेखर ने 18 किमी0 तक बकुलाही को उनका प्राकृतिक मार्ग प्रदान कर 25 गांवों की असीमित प्यास की वेदना पर एक मरहम तो लगाया ही साथ ही साथ यह भी निश्चित हो गया कि बकुलाही नदी को उसकी 'मूलधारा' देने का काम असम्भव नहीं है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+