पार्टी हित में हमारी 5 मांगे केजरीवाल मान लें, हम तुरंत इस्तीफा देंगे
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने आज प्रेस कांफ्रेंस करके अरविंद केजरीवाल और उनके गुट पर जमकर हमला बोला। योगेंद्र यादव ने कहा कि हमने कभी इस्तीफा नहीं दिया बल्कि शर्तों के आधार पर त्यागपत्र की प्रस्ताव रखा था।

प्रेस कांफ्रेंस के प्रमुख अंश-
- मैंने कभी भी किसी से फोन नहीं करवाया कि मुझे पार्टी का कंवीनर बनवाया जाए- योगेंद्र यादव
- आज भी हमारी 5 मांगें मानी जाए तो हम पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे देंगे।
- पार्टी में ना तो स्वराज है ना ही लोकतंत्र है- प्रशांत भूषण
- केजरीवाल का कहना है कि मेरी नीयत साफ है इसलिए मैं जो भी करता हूं वो गलत नहीं है- प्रशांत
- केजरीवाल के भीतर दो बड़ी कमियां है वो हैं कि केजरीवाल जो चाहते हैं उसे ही फैसला माना जाए- प्रशांत
- केजरीवाल ने कांग्रेस के उन्ही विधायकों को खरीदने की कोशिश की जिनपर उन्होंने भाजपा द्वारा खरीदे जाने का आरोप लगाया था।
- केजरीवाल ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने को कहा जिसका हमने विरोध किया जिसे केजरीवाल ने मानने से इनकार कर दिया।
- मुझे लगता है कि केजरीवाल कांग्रेस के समर्थन से दिल्ली में सरकार बनाना चाहती थी- भूषण
- अरविंद ने हमेशा कहा कि योगेंद्र और प्रशांत के साथ काम नहीं कर सकता- प्रशांत भूषण
- केजरीवाल ने कहा कि अगर ये दोनों चाहते हैं कि पार्टी ये चलाये तो मैं एक अलग पार्टी बना लुंगा- प्रशांत भूषण
- आप के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाने की इजाजत नहीं दी गयी, हमसे हमेशा इस्तीफा देने को कहा गया।
- प्रशांत भूषण ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और आप ने हमेशा हमसे राष्ट्रीय कार्यकारिणी से इस्तीफा देने को कहा गया।
- केजरीवाल से मैंने पिछले 11 दिन से समय मांगा मिलने का लेकिन आजतक मुझे समय नहीं दिया गया।
- हमने शराब बांटने, फर्जी डिग्री, भ्रष्ट उम्मीदवार सहित कई मुद्दों की सिर्फ जांच की मांग उठायी थी।
- राष्ट्रीय कार्यकारिणी में रिक्त पदों को भरने की मांग की थी।
- हमने आम आदमी पार्टी के वॉलंटियर को पार्टी की जान माना है और उनका मुद्दो पर वोट की मांग की थी।
- हमने पार्टी के भीतर पारदर्शिता के लिए पार्टी को आरटीआई के अंतर्गत लाने की मांग की थी।
- हमारा मूल मुद्दा था कि आम आदमी पार्टी के भीतर स्वराज की स्थापना के लिए।
- हमने मर्यादा उल्लंघन के मामले में पार्टी के भीतरी लोकपाल से जांच उठाने की मांग की थी।
- आम आदमी पार्टी की वेबसाइट पर से पिछले 15 दिनों से संविधान को हटा दिया गया है।












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