'जर्मनी यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी नहीं जारी की गई थी', प्रज्वल रेवन्ना मामले में केंद्र का खुलासा
Prajwal Revanna Case: यौन शोषण के आरोपों पर जांच का सामना कर रहे कर्नाटक के सांसद प्रज्वल रेवन्ना ने अपनी जर्मनी यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी नहीं मांगी थी। यह जानकारी गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने दी।
प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि उक्त सांसद की जर्मनी यात्रा के संबंध में विदेश मंत्रालय से न तो कोई राजनीतिक मंजूरी मांगी गई थी और न ही जारी की गई थी। जाहिर है, कोई वीजा नोट भी जारी नहीं किया गया था। इसके लिए किसी वीजा की आवश्यकता नहीं है। जर्मनी की यात्रा के लिए राजनयिक पासपोर्ट धारकों को मंत्रालय ने उक्त सांसद के लिए किसी अन्य देश के लिए कोई वीजा नोट भी जारी नहीं किया है...हां, उन्होंने राजनयिक पासपोर्ट पर यात्रा की थी।

क्या है प्रज्वल रेवन्ना वीजा विवाद?
पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस संरक्षक एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना 26 अप्रैल को जर्मनी के फ्रैंकफर्ट गए थे। अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोपों के बीच उन्होंने देश छोड़ दिया। प्रज्वल रेवन्ना, जो मौजूदा लोकसभा चुनाव में हासन से एक और कार्यकाल की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ स्पष्ट वीडियो वायरल होने के बाद विवाद में हैं, जिनमें कथित तौर पर उन्हें दिखाया गया है। हालांकि, रेवन्ना ने दावा किया है कि वायरल वीडियो से छेड़छाड़ की गई थी और उन्होंने अपने पोलिंग एजेंट के माध्यम से इस संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई थी।
रेवन्ना ने की अग्रिम जमानत की मांग
कर्नाटक सरकार ने हसन सांसद से जुड़े कथित सेक्स स्कैंडल की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी ने गुरुवार को दुनिया भर के सभी आव्रजन बिंदुओं पर उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया। रेवन्ना, जिन्हें आज एसआईटी के सामने पेश होना था, ने अग्रिम जमानत की मांग करते हुए बेंगलुरु की एक सत्र अदालत में याचिका दायर की।












Click it and Unblock the Notifications