'हेलो पृथ्वीवासी! चंद्रयान-3 से मैं प्रज्ञान रोवर...': चंद्रमा से भेजा जल्द ही अच्छी खबर देने का संदेश
चंद्रमा से पृथ्वी के लोगों को एक बहुत ही महत्वपूर्ण और सुंदर संदेश आया है। यह संदेश चंद्रयान-3 के प्रज्ञान रोवर ने भेजा है और जानकारी दी है कि वह अपना काम अच्छे से कर रहा है। इसरो ने आधिकारिक तौर पर प्रज्ञान रोवर के इस संदेश के बारे में जानकारी दी है, जिसमें आने वाले समय में बहुत ही अच्छा होने का भी संकेत छिपा है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मंगलवार शाम को अपने ट्विटर या x हैंडल पर प्रज्ञान रोवर की एक तस्वीर के साथ उसका संदेश फ्लैश किया है। प्रज्ञान का संदेश कुछ इस तरह से है-

'सबसे अच्छा जल्द आने वाला है........'
'हेलो पृथ्वीवासी! मैं चंद्रयान-3 से प्रज्ञान रोवर। मुझे उम्मीद है कि आप लोग ठीक होंगे। मैं सभी को यह बताना चाहता हूं कि मैं चंद्रमा के रहस्यों को उजागर करने के रास्ते पर हूं। मैं और मेरा दोस्त विक्रम एक-दूसरे से संपर्क में हैं। हमारी सेहत अच्छी है। सबसे अच्छा जल्द आने वाला है........'
चंद्रमा की सतह पर लगातार चल रहा है प्रज्ञान रोवर
भारत के चंद्र मिशन के महत्वाकांक्षी चंद्रयान-3 का प्रज्ञान रोवर लगातार चांद की सतह पर आगे बढ़ता जा रहा है। अभी तक प्रज्ञान चंद्रमा की सतह पर लगभग 8 मीटर चल चुका है। यह सफर आसान नहीं है और उसने रास्ते में कई चुनौतियों का बखूबी सामना किया है। क्योंकि, चंद्रमा अपने गड्ढों के लिए कुख्यात है।
प्रज्ञान शब्द का अर्थ है, 'ज्ञान या बुद्धिमत्ता'
संस्कृत के प्रज्ञान शब्द का अर्थ है, 'ज्ञान या बुद्धिमत्ता'। 6 पहियों वाले प्रज्ञान रोवर की मुख्य जिम्मेदारी चंद्रमा की मिट्टी का विश्लेषण करना है। इसके अभी आगे भी इसी तरह से चांद पर विक्रम लैंडर के लैंडिंग वाले स्थान शिव शक्ति के आसपास चलते रहने की उम्मीद है।
रोवर और लैंडर दोनों को मिली है अलग-अलग जिम्मेदारी
प्रज्ञान रोवर चंद्रमा की धूल और बजरी की रासायनिक संरचना का पता लगाएगा और इसके भूविज्ञान और वातावरण के बारे में अनमोल डेटा जुटाकर देगा। जबकि विक्रम लैंडर में 4 साइंटिफिक पेलोड्स हैं। इन उपकरणों का कार्य चांद पर होने वाले भूकंप, इसकी सतह के थर्मल गुणों, सतह के प्लाज्मा में परिवर्तनों का अध्ययन करना है।
प्रज्ञान और विक्रम को यह सारा कार्य चंद्र दिवस के दौरान ही संपन्न करना है। क्योंकि, एक बार रात होने के बाद जब फिर से वहां दिन होगा, तब इनकी सेहत कितनी कारगर रहेगी, अभी दावे के साथ कुछ नहीं कहा जा सकता।
इसरो ने चंद्रयान-3 मिशन को 14 जुलाई, 2023 को लॉन्च किया था। इसने 23 अगस्त, 2023 को शाम 6 बजकर 3 मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव वाले शिव शक्ति स्थल पर सुरक्षित उतरकर पहले ही इतिहास रच दिया है। क्योंकि, यह कामयाबी अभी तक किसी भी देश को नहीं मिल पाई थी।












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