pradyuman murder case: गांववालों ने चंदा कर जुटाए बस कंडक्टर अशोक की जमानत के रुपए
नई दिल्ली। गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुए प्रद्युम्न मर्डर केस में बस कंडक्टर अशोक कुमार को मंगलवार को जमानत मिल गई। पुलिस ने अशोक को गिरफ्तार किया था लेकिन सीबीआई जांच में स्कूल के ही एक अन्य छात्र के प्रद्युम्न की हत्या करने की बात सामने आने के बाद मंगलवार को कोर्ट ने उसे 50 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत दे दी। अशोक के परिवार के पास इतने पैसे नहीं थे कि वो ये जमानत की राशि दे सके। ऐसे में गांव के लोग उसकी मदद के लिए सामने आए।

गांव के लोगों ने जुटाए 50-100 रुपए
गांव के लोगों का कहना है कि बिना गुनाह के वो जेल में रहा, अब गांव के लोग उसकी हर सभव मदद कर रहे हैं। अशोक के पड़ोसी ने कहा कि पूरा गांव अशोक के साथ खड़ा है। गांववालों ने भी उसकी काफी मदद की है। जिससे जितना बन पड़ा है, उतना दिया है। किसी ने 100 तो किसी ने 50 रुपए देकर उसकी मदद की है। अशोक के गांव गामरोज में रहने वाले उसके पड़ोसी महेश राघव जमानती हैं। वह कोर्ट में अपनी जमीन के पेपर बतौर जमानती देंगे।

पुलिस ने बनाया था अशोक को मुख्य आरोपी
आठ सितंबर को रायन स्कूल के बाथरूम में सात साल के प्रद्युम्न ठाकुर का शव मिला था। गुरुग्राम पुलिस ने 42 वर्षीय बस कंडक्टर अशोक कुमार को प्रद्युम्न की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। अशोक ने भी कैमरे पर अपना गुनाह कबूल कर लिया था। इसके बाद सीबीआई ने जांच शुरू की तो अशोक के मर्डर में शामिल ना होने की बात सामने आई और पता चला कि पुलिस के दबाव में उसने मर्डर करने की बात कुबूली है।

वकील ने कहा, अशोक के खिलाफ सबूत नहीं
मंगलवार को मामले की सुनवाई के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी यादव ने अशोक कुमार को 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी। अशोक के वकील मोहित वर्मा ने कहा कि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं था। इसलिए जज ने उसे जमानत दी। उन्होंने कहा कि सीबीआई और हरियाणा पुलिस ने मामले पर जो कार्रवाई की है, उसमें बहुत फर्क है। इसी के आधार पर अशोक को जमानत दी गई है।












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