Pradyuman Murder Case: CBSE के हलफनामे में खुली Ryan International School की पोल
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नई दिल्ली। हरियाणा के गुरुग्राम स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल की कक्षा 2 में पढ़ने वाले प्रद्युम्न ठाकुर हत्याकांड में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने हलफनामा दायर किया है। CBSE ने यह हलफनामा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर किया है। इस हलफनामे में Ryan International School की पोल खोल दी। सीबीएसई ने अपने हलफनामे में कहा कि स्कूल में पर्याप्त सीसीटीवी नहीं लगे थे। जो लगे थे उनमें से कुछ काम नहीं कर रहे थे। हलफनामे में कहा गया कि Ryan School में कर्मचारियों के लिए अलग शौचालय नहीं थे। सीबीएसई ने यह भी कहा कि बिजली के कुछपैनल खुले थे, जो स्कूल में बच्चों के लिए खतरा हो सकते थे। Pradyuman Murder Case में CBSE ने 16 सितंबर को Ryan International School को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। बोर्ड ने 15 दिन के भीतर स्कूल से नोटिस का जवाब देने को कहा था।


CBSE ने कहा है
गौरतलब है कि हत्या के बाद सीबीएसई ने स्कूलों को भेजी गाइडलाइन में कहा है कि परिसर में सीसीटीवी लगाएं और सुनिश्चित करें कि वो हमेशा चालू हालत में रहें। शिक्षक, सुरक्षाकर्मी, कर्मचारी, माली, बस ड्राइवर समेत सभी उन लोगों का वेरिफिकेशन कराएं, जो स्कूल में कार्यरत हैं। इसके साथ-साथ स्टाफ के मानसिक स्वास्थ्य की जांच कराई जाए।

वेबसाइट पर करें अपलोड
बोर्ड ने स्कूलों से कहा है कि दो महीने के भीतर स्थानीय पुलिस से स्कूल परिसर और स्कूल स्टाफ का सेफ्टी और सिक्योरिटी ऑडिट कराकर रिपोर्ट सीबीएसई वेबसाईट पर अपलोड करें।

बाहरी लोग स्कूल में ना आएं
इससे पहले सीबीएसई अधिसूचना में यह भी कहा गया था कि स्कूल में बाहरी लोगों को सीमित पहुंच हो। सभी कर्मचारियों को छात्रों की सुरक्षा और उनके हितों की सुरक्षा के कानूनों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम होना चाहिए। दिल्ली सरकार ने भी, राजधानी के निजी स्कूलों को एक नोटिस जारी कर, सभी शिक्षण और सपोर्टिंग स्टाफ के पुलिस सत्यापन का आदेश दिया।

सवालों के घेरे में अधिसूचना
हालांकि अब CBSE की इस अधिसूचना पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ज्यादातर स्कूलों के प्रधानाध्यापक की ओर से कहा यह जा रहा कि ये स्पष्ट नहीं हैं कि इन परीक्षणों में कौन शामिल होगा, कौन इसे आयोजित करेगा, और जो स्टाफ के सदस्य जो परीक्षा में फेल हो गया उसका क्या होगा?

क्या हमारे पास कर्मचारी हैं?
दिल्ली के सेंट मैरीज के प्रिंसिपल ने कहा कि मनोचिकित्सक परीक्षण क्या कर सकता है? इसके लिए एक वास्तविक विशेषज्ञ की आवश्यकता होती है जो इसे संचालित कर, इसका मूल्यांकन करती है। यह देखते हुए कि देश में 10,000 और अधिक सीबीएसई स्कूल हैं, क्या हमारे पास इसका प्रबंधन करने के लिए कर्मचारी हैं?












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