Pradhan Mantri Awas Yojana: लाखों परिवारों की चमकी किस्मत, घर बनाने के लिए जमीन-पैसा देगी सरकार, देखें प्रोसेस
Pradhan Mantri Awas Yojana: जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश में बेघर और भूमिहीन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) के दूसरे चरण के तहत हाल ही में संपन्न हुए 'आवास+ 2024' सर्वे में 5,02,930 पात्र परिवारों की पहचान की गई है। यह कदम सरकार के उस संकल्प का हिस्सा है, जिसके तहत 2026 तक हर जरूरतमंद को पक्का घर मुहैया कराया जाना है।
इस नए अपडेट की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें उन परिवारों को प्राथमिकता दी गई है, जो पिछले सर्वेक्षणों में तकनीकी कारणों या जानकारी के अभाव में छूट गए थे। प्रशासन अब राजस्व विभाग के साथ मिलकर भूमिहीन परिवारों को जमीन आवंटित करने और घर निर्माण के लिए सीधे बैंक खातों में वित्तीय सहायता भेजने की प्रक्रिया में तेजी ला रहा है।

5 लाख से अधिक परिवारों का सपना होगा सच
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नए सत्यापन अभियान के माध्यम से कुल 5,02,930 परिवारों को योजना के दायरे में लाया गया है। इन परिवारों को PMAY-G 2.0 के तहत शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और जिला स्तर पर लाभार्थियों की सूची तैयार कर ली गई है।
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भूमिहीन परिवारों को जमीन और पैसा दोनों
जम्मू-कश्मीर के कठिन भौगोलिक क्षेत्रों को देखते हुए, प्रशासन ने एक विशेष रणनीति अपनाई है:
- जमीन का आवंटन: जिन पात्र परिवारों के पास घर बनाने के लिए अपनी जमीन नहीं है, उन्हें राजस्व विभाग के समन्वय से सरकारी जमीन उपलब्ध कराई जा रही है।
- वित्तीय सहायता: पहाड़ी क्षेत्रों के लिए निर्धारित मानक के अनुसार, लाभार्थियों को ₹1.30 लाख की सीधी मदद दी जाएगी।
- बुनियादी सुविधाएं: योजना के तहत बनने वाले घरों में स्वच्छ रसोई, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का होना अनिवार्य किया गया है।
समयबद्ध क्रियान्वयन और सख्त निगरानी
योजना को लटकाने के बजाय इसे तय समयसीमा में पूरा करने के लिए त्रि-स्तरीय निगरानी प्रणाली लागू की गई है:
- ब्लॉक स्तर: स्थानीय अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य की प्रगति की साप्ताहिक जांच।
- जिला स्तर: जिलाधिकारियों द्वारा भूमि आवंटन और फंड ट्रांसफर की समीक्षा।
- UT स्तर: केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के दिशानिर्देशों के पालन की निगरानी।
नोट: सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बार सत्यापन (Verification) पर विशेष जोर दिया गया है ताकि केवल वास्तविक जरूरतमंदों को ही लाभ मिले।
2026 तक 'सबके लिए आवास'
प्रशासन का लक्ष्य है कि पहचाने गए सभी 5.02 लाख परिवारों को निर्धारित अवधि के भीतर घर सौंप दिए जाएं। इसके लिए फंड का आवंटन भी सुचारू रूप से किया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में जम्मू-कश्मीर में ग्रामीण आवास के लिए ₹2,500 करोड़ से अधिक की राशि का उपयोग किया जा चुका है, जो इस मिशन के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
With AI Inputs
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