रायपुर में पुलिस महानिदेशकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन की अध्यक्षता, पीएम मोदी ने कहा—‘विकसित भारत के अनुरूप बदले पुलिस व्यवस्था’
रायपुर में राष्ट्रीय पुलिस सम्मेलन के दौरान, पीएम मोदी ने पुलिस की सकारात्मक सार्वजनिक धारणा की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और राष्ट्रीय सुरक्षा और विजन 2047 के लिए रणनीतियों पर चर्चा की।
रायपुर, 30 नवंबर 2025।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन की अध्यक्षता की। तीन दिवसीय सम्मेलन का विषय ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ रखा गया है। सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा, नई प्रौद्योगिकियों, आतंकी रुझानों और आने वाले वर्षों के लिए पुलिस व्यवस्था के विज़न 2047 पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।

प्रधानमंत्री ने पुलिस के प्रति जनता, विशेषकर युवाओं में सकारात्मक धारणा विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए दक्षता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को मजबूत करना होगा। पीएम मोदी ने शहरी पुलिस व्यवस्था को और मज़बूत करने, पर्यटक पुलिस को सक्रिय करने और औपनिवेशिक दौर की जगह लागू किए गए नए कानून—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता—के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस से कहा कि वे निर्जन द्वीपों की सुरक्षा, तटीय निगरानी और राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (NETGRID) के उपयोग की दिशा में नई रणनीतियां अपनाएं। उन्होंने डेटा इंटीग्रेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विश्लेषण और आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग पर बल दिया। पीएम मोदी ने विश्वविद्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों को पुलिस जांच में फोरेंसिक प्रथाओं पर अध्ययन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने की भी बात कही।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, तटीय सुरक्षा और ड्रग्स के खिलाफ समग्र कार्रवाई
पीएम मोदी ने वामपंथी उग्रवाद से मुक्त क्षेत्रों के समग्र विकास, तटीय पुलिस मॉडल में नवाचार और प्रतिबंधित संगठनों की निरंतर निगरानी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ड्रग्स के दुरुपयोग से निपटने के लिए प्रवर्तन, पुनर्वास और समुदाय-आधारित हस्तक्षेप को एक साथ जोड़ने वाला संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण (Whole-of-Government Approach) जरूरी है।
विजन 2047 के तहत पुलिस व्यवस्था के दीर्घकालिक रोडमैप पर चर्चा
सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा और पुलिसिंग के कई अहम मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ, जिसमें शामिल रहे— विजन 2047 के लिए पुलिसिंग का रोडमैप आतंकवाद विरोधी और कट्टरपंथ रोकने के नए रुझान महिलाओं की सुरक्षा में तकनीक का इस्तेमाल विदेशों में रह रहे भारतीय भगोड़ों को वापस लाने की रणनीतियाँ फोरेंसिक आधारित जांच और अभियोजन को मजबूत करने के उपाय
आपदा प्रबंधन को लेकर सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया की आवश्यकता
प्रधानमंत्री ने चक्रवात, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं—जिनमें वर्तमान चक्रवात दित्वा भी शामिल है—से निपटने के लिए अधिक तैयारी, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सक्रिय योजना, रियल-टाइम समन्वय और तेज कार्रवाई से जीवन की रक्षा और अव्यवस्था को न्यूनतम किया जा सकता है।
राष्ट्रपति पुलिस पदक व शहरी पुलिसिंग अवार्ड प्रदान
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री ने खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए। इसके साथ ही उन्होंने पहली बार शुरू किए गए शहरी पुलिस व्यवस्था पुरस्कार भी तीन शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहरों को प्रदान किए, जिससे शहर-केंद्रित पुलिसिंग में नवाचार और सुधार को प्रोत्साहन मिलेगा।
देशभर से 700+ अधिकारी जुड़े, शीर्ष नेतृत्व की व्यापक भागीदारी
सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री और केंद्रीय गृह सचिव उपस्थित रहे। सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक व महानिरीक्षक, सीएपीएफ और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, जबकि 700 से अधिक अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।












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