दिल्ली दंगा: चार्जशीट पर पुलिस की सफाई, सीताराम येचुरी और योगेंद्र को नहीं बनाया गया आरोपी
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में हुए दंगों को लेकर शनिवार देर शाम एक अहम बात निकलकर सामने आई थी। जिसमें कहा गया कि इस केस में सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी, स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव समेत कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस खबर का अब दिल्ली पुलिस ने खंडन किया है। पुलिस के मुताबिक एक आरोपी के बयान का मतलब ये नहीं कि किसी भी शख्स को आरोपी बना दिया जाए। इस मामले में अंतिम निष्कर्ष के लिए उनकी टीम जांच कर रही है।
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दरअसल शनिवार शाम एक न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम से भड़काऊ भाषण मामले में पूछताछ की है। इसके अलावा उसे कई बार रिमांड पर भी लिया जा चुका है। वहीं पिंजड़ा तोड़ ग्रुप की सदस्य छात्राओं ने भी पुलिस के सामने कई खुलासे किए हैं। जब दिल्ली पुलिस इस मामले में अनुपूरक चार्जशीट दाखिल कर रही थी, तब शनिवार को राहुल रॉय, योगेंद्र यादव, सीताराम येचुरी जैसे बड़े नाम भी सामने आए। हालांकि रविवार को ही इस खबर का दिल्ली पुलिस ने खंडन कर दिया।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि दिल्ली के जफराबाद में हुए दंगों की जांच से संबंधित ट्वीट न्यूज एजेंसी ने किया था। जिसमें कई शिक्षाविदों और नेताओं को आरोपी बनाए जाने की बात कही गई, जोकी गलत है। एक आरोपी के बयान के आधार पर किसी को भी आरोपी नहीं बनाया जाता है। सिर्फ पर्याप्त सबूतों के आधार पर ही कानूनी कार्रवाई की जाती है। इस मामले में जांच चल रही है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि ये स्पष्ट किया जाता है कि सीताराम येचुरी, योगेंद्र यादव और जयति घोष को हमारी ओर से दायर पूरक चार्जशीट में अभियुक्त नहीं बनाया गया है।
फरवरी में हुए थे दंगे
गौरतलब है कि नागरिकता कानून समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा के बाद 24 फरवरी को पूर्वोत्तर दिल्ली में सांप्रदायिक झड़पें हुई थीं। जिसमें कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई और लगभग 200 लोग घायल हुए थे। इस दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, घोंडा, चांदबाग, शिव विहार, भजनपुरा, यमुना विहार इलाके में काफी हिंसा हुई थी।












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