यहां लड़कियों के स्कूल जाने पर पाबंदी है
कानपुर। इसे प्रशासन की असफलता कहे या फिर पंचायत का तुगलकी फरमान जिसने एक लड़कियों के स्कूल जाने पर इसलिए रोक लगा दी जिससे की उसके साथ छेड़खानी न हो। कानपुर मे एक गांव की पंचायत ने लड़कियों को स्कूल या कॉलेज जाने पर इसलिए प्रतिबंध लगाने का फरमान जारी किया है ताकि उनके साथ छेड़खानी न हो। इस घटना के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पंचायत को नोटिस भेजा है।

मामले में आयोग ने कानपुर जिले के मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक से दो हफ्ते के भीतर जवाब देने को कहा है। कानपुर की इस घटना का आयोग ने खुद संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को नोटिस भेजा है। कानपुर के त्योंगा गांव में तकरीबन 150 लड़िकयों को शोषण से बचाने के लिए उनके स्कूल और कॉलेज जाने पर प्रतिबंध लगाया है।
दरअसल पिछले माह कुछ गुंडो ने कोचिंग से लौटते वक्त लड़कियों के साथ बदसलूकी की और उनका उत्पीड़न किया जिसके बाद गांव की पंचायत के एक सदस्य ने लड़कियों के स्कूल या कॉलेज नहीं जाने का फरमान सुना दिया था। हालांकि लड़कियों के माता-पिता ने पुलिस से इस मामले में शिकायत भी की थी लेकिन किसी कार्यावाही के नहीं होने की वजह से लोगों को निराश होना पड़ा है।
मानवाधिकार आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस भेजते हुए कहा कि यह लड़कियों के मूल अधिकार के साथ मानवाधिकार का भी हनन है।












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