PNB SCAM: जानिए कैसे LOU और SWIFT के जरिए नीरव मोदी-मेहुल चौकसी ने लूटा बैंक
नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक में 11,500 करोड़ रुपये का घोटाला देश के बैंकिंग इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है। न्यूज एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, यह घोटाला 19,317 करोड़ रुपये तक भी पहुंच सकता है। इस पूरे घोटाले के सबसे बड़े आरोपी नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चौकसी फिलहाल जांच एजेंसियों की गिरफ्त से बाहर है। यह पूरा खेल LOU और SWIFT का है, जिसे नीरव मोदी और मेहुल चौकसी बड़ी चालाकी के साथ कई सालों तक खेलते रहे और लूट मचाकर भाग गए। आपको बताते हैं आखिर क्या है LOU और SWIFT, जो दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में है।

क्या है LOU
लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LOU) एक बैंक के द्वारा दूसरे बैंक को भेजी गई एक गारंटी है। जिसके आधार पर विदेशों में स्थित ब्रांच से लोन लिया जा सकता है। वहीं, यह LOU दूसरे बैंक को गारंटी देता हैं कि कल को अगर व्यक्ति लोन नहीं चुका पाता है, तो उसका लोन वह बैंक को चुकाएगा, जिसने LOU प्रोवाइड करवाया। नीरव मोदी ने पीएनबी बैंक से फर्जी LOU बनवाकर विदेशी ब्रांच से जमकर लॉन लिया। नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ दर्ज हुई FIR के मुताबिक, नीरव मोदी और उनके परिवार को अभी तक 293 LOU जारी हुई है। वहीं, मेहुल के गीतांजली ग्रुप को 143 LOU जारी हुई है। यानि, दोनों को लोन लेने के लिए कुल 436 LOU मिले।

क्या है SWIFT
SWIFT यानि Society for Worldwide Interbank Financial Telecommunications, जिसमें दुनियाभर के बैंक 'एक कोड सिस्टम' के जरिए वित्तीय लेनदेन का सुरक्षित आदान प्रदान करते हैं। न्यूज वेबसाइट 'द मिंट' में पब्लिश एक आर्टिकल में तमल बंदोपाध्याय लिखते हैं कि SWIFT के जरिए किसी एक पूरे बैंक को धराशाही किया जा सकता है। मैकर, चैकर और वेरिफायर SWIFT में बहुत बड़ा रोल प्ले करते हैं। मैकर सिस्टम में मैसेज डालता है, चैकर उन मैसेजस की जांच करता है और वेरीफायर इन दोनों प्रक्रियाओं की जांच कर वेरीफाय करता है। अब इस SWIFT मैसेज को विदेशी बैंक (जिस बैंक से लोन लेना है) के पास भेजा जाता है, विदेशी बैंक उसे वेरिफाय करने बाद, SWIFT मैसेज को वापस पहले वाले बैंक के एक सक्षम अधिकारी के पास भेजता है, जो मैकर, चैकर और वेरिफायर से अलग होता है। विदेशी बैंक से जो SWIFT मैसेज आता है, बहुत ज्यादा सीक्रेट होता है। अब इस फ्रॉड से पता चलता है कि नीरव मोदी के मामले में SWIFT की पूरी प्रक्रिया पीएनबी के डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी अकेले ने ही निभाई थी।

LOU + SWIFT= PNB SCAM
सीबीआई ने बेच्चू तिवारी को भी सोमवार को गिरफ्तार किया है। यह बेच्चू तिवारी पीएनबी की विदेशी मुद्रा सेवा विभाग के मुख्य प्रबंधक हैं। इसके अलावा सीबीआई ने यशवंत जोशी और प्रफुल्ल सावंत को भी गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने कहा कि गोकुलनाथ शेट्टी का सुपरवाइजर यशवंत जोशी को इस पूरे मामले के बारे में पता था, लेकिन उसने कोई भी कदम नहीं उठाया। जोशी SWIFT और सीबीएस एंट्रीज के बारे में पूरी जानकारी रखता था। वहीं, प्रफुल शावंत SWIFT की डेली मैसेजस का ध्यान रखता था। यशवंत जोशी भी इसी विभाग में स्केल-1 ऑफिसर तथा प्रफुल्ल सावंत इसी विभाग में सेल्स मैनेजर हैं।












Click it and Unblock the Notifications