'यूक्रेन-पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष चिंता का विषय', PM मोदी ने जर्मन चांसलर के साथ बैठक के बाद कहा
जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज भारत दौरे पर है। यहां वह भारत और जर्मनी के बीच 7वां अंतर सरकारी परामर्श (आईजीसी) शामिल होने दिल्ली आए हैं। जर्मनी के चांसलर ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद उन्हें धन्यवाल कहा। वहीं, पीएम मोदी ने कहा, 'यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष हम दोनों के लिए चिंता का विषय हैं।'
देश की राजधानी दिल्ली में जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ के साथ बैठक के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, 'सबसे पहले मैं चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ और उनके प्रतिनिधिमंडल का भारत में स्वागत करता हूं। मुझे खुशी है कि हमें पिछले दो वर्षों में तीसरी बार आपका भारत में स्वागत करने का अवसर मिला है।'

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत और जर्मनी की रणनीतिक साझेदारी की व्यापकता का अनुमान आप पिछले 2-3 दिनों की गतिविधियों से लगा सकते हैं। आज सुबह हमें जर्मनी के एशिया पैसिफिक बिजनेस जगत की कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने का अवसर मिला। मेरे तीसरे कार्यकाल की पहली IGC बैठक अभी कुछ देर पहले संपन्न हुई है।
अभी हम CEO फॉरम की बैठक से आ रहे हैं। इसी समय गोवा में जर्मन नौसेना की शिप पोर्ट कॉल कर रही है और खेल जगत भी पीछे नहीं है। हमारी हॉकी टीमों के बीच फ्रेंडली मैच खेले जा रहे हैं। कहा कि रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास का प्रतीक है। गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान पर समझौता इस दिशा में एक नया कदम है।
आज संपन्न हुई पारस्परिक कानूनी सहायक संधि, आतंकवाद और अलगाववादी तत्वों से निपटने के हमारे संयुक्त प्रयासों को मजबूत करेगी। यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष हम दोनों के लिए चिंता का विषय हैं। भारत का हमेशा से मानना रहा है कि युद्ध से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता और भारत शांति बहाली के लिए हर संभव योगदान देने के लिए तैयार है।
इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने कहा कि भारत की युवा शक्ति जर्मनी की समृद्धि और विकास में योगदान दे रही है। हम भारत के लिए जर्मनी की कुशल श्रम रणनीतियों का स्वागत करते हैं। हमारी (भारत और जर्मनी) साझेदारी में स्पष्टता है और इसका भविष्य उज्ज्वल है।












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