...तो नई सरकार में ऐसे 'modi'fied हुईं पुरानी योजनाएं
भारतीय जनता पार्टी चुनाव प्रचार में भले यूपीए की नीतियों की जमकर आलोचना की हो पर मौका हाथ लगते ही बीजेपी ने फायदा भी जमकर उठाया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में बनी बीजेपी सरकार कई ऐसे मसलों पर तेजी से कदम बढ़ा रही है, जिनकी नींव यूपीए ने रखी थी।
अपनी 100 दिन की रिपोर्ट में भी केन्द्र सरकार ने अपनी किसी नई नीति की घोषणा नहीं की है और लगभग यूपीए की नीतियों को ही आगे बढ़ाने के काम में जुटी है। हालांकि राजनैतिक जानकारों का मानना है कि इसमें किसी तरह की आलोचना नहीं ढूंढनी चाहिए। देश हित के लिए जो कदम पीछे छूट गए हैं, उन्हें नए सिरे से सरकार उठा रही है तो यह सराहनीय है।
घुमाएं स्लाइडर और जानें कि किन प्रमुख योजनाओं की नीेंव यूपीए ने रखी व उसका असल क्रेडिट लेने की दिशा में है 'मोदी सरकार'-

आधार कार्ड योजना
यूपीए कार्यकाल में गेमचेंजर रहा आधार कार्ड अब मोदी सरकार में नए सिरे से प्रयोग किया जा रहा है। आधार कार्ड के नंबर को बैंक खातों से जोड़ दिया गया ताकि सब्सिडी की राशि सीधे खाते में डाल दिए जाएं। प्रधानमंत्री कोर टीम ने आधार कार्ड पर बनी रिपोर्ट का अध्ययन किया। आधार कार्ड के जरिए 300 जिलों में मरनेगा, पेंशन, स्कॉलरशिप, पब्लिक डिस्ट्रब्यूशन सिस्टम (पीडीएस) और एलपीजी सब्सिडी को जोड़कर इस से सालाना करीब 75,000 करोड़ रुपए का फंड ट्रांसफर होने की उम्मीद है।

जन-धन योजना भी नई नहीं
पिछली सरकार ने देश भर में लोगों को वित्तीय सुविधाएं देने के लिए गांव-गावं में बैंक खाते खोले। 2004 में जब यूपीए सरकार बनी तो देश भर में 43.9 करोड़ बैंक अकाउंट शुरु हुए थे। 2014 में सरकार खत्म होने के बाद यह आंकड़ा 77.32 करोड़ रुपए पर पहुंचा। 67 हजार गांवों में बैंक खाते थे जो बढ़कर 2.48 लाख गांवों तक गया। पीएम ने 15 अगस्त को जन धन योजना की घोषणा की। इसमें एक बात अनोखी थी- 1 लाख रुपए का जीवन बीमा और 5000 रुपए के ओवरड्राफ्ट जैसी सुविधा।

नया 'फूड प्लान'
यूपीए-2 के महत्वाकांक्षी प्लान खाद्य सुरक्षा भी नई सरकार में नए सिरे से पेश होने की तैयारी में है। मोदी सरकार ने महंगाई से निपटने के लिए आते ही खाद्य सुरक्षा बिल को लागू करने की पहल तेज की। राज्य सरकारों से इससे अवगत करवाकर नए 'फूड प्लान' को प्रोजेक्ट करना चाहती है।

आरटीओ खत्म, यातायात नियम सख्त
नई सरकार ने 'गोपीनाथ मुंडे' की सड़क दुर्घटना के बाद यातायाता कानूनों को नए सिरे रखने की पहल की। इसके तहत आरटीओ को खत्म करने का फैसला किया गया व इसकी जगह सख्त नियम लाकर देश के सामने मिसाल पेश की। हाल में ही दिल्ली में महिलाओं के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया।

न्यायिक सुधार की मुहिम
तमामा विरोध-दलीलों के बाद मौजूदा न्यायिक व्यवस्था को नए न्यायिक सुधार का अमली जामा पहनाया गया। कोलेजियम सिस्टम खत्म करने की पहल कर मोदी सरकार ने न्यायपालिका को बेहतर व स्पष्ट नीति की पेशकश की।












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