कोल खदानों की नीलामी प्रक्रिया का PM मोदी ने किया शुभारंभ, कहा- आपदा को अवसर में बदल रहा देश
नई दिल्ली: मोदी सरकार लगातार 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' के तहत देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। सरकार का पूरा फोकस कोयला समेत अन्य चीजों के आयात को कम करना है। इस बीच गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए वाणिज्यिक खनन के लिए 41 कोयला खदानों की नीलामी की प्रक्रिया की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने फिर से आपदा को अवसर में बदलने की बात दोहराई। पीएम मोदी के मुताबिक आज भारत के उद्योग जगत, व्यापारी जगत, सर्विस सेक्टर लीड करने वाले लोगों के लिए इतिहास को बदलने का मौका आया है। हमें इस अवसर को छोड़ना नहीं चाहिए।
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सभी संसाधन विकसित करेगा देश
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत कोरोना से लड़ेगा भी और आगे भी बढ़ेगा। इसके साथ ही भारत इस बड़ी आपदा को अवसर में बदलेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के इस संकट ने भारत को आत्मनिर्भर भारत होने का सबक दिया है। आत्मनिर्भर भारत यानि भारत आयात पर अपनी निर्भरता कम करेगा। आत्मनिर्भर भारत यानि भारत आयात पर खर्च होने वाले लाखों करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाएगा। आत्मनिर्भर भारत यानि भारत को आयात न करना पड़े, इसके लिए वो अपने ही देश में साधन और संसाधन विकसित करेगा।

हर घोषणा पर तेजी से हो रहा काम
पीएम मोदी ने कहा कि महीने भर के अंदर ही, हर घोषणा, हर रिफॉर्म्स, चाहे वो कृषि क्षेत्र में हों, चाहे MSMEs के सेक्टर में या फिर कोयला-खनन के सेक्टर में हों, सभी तेजी से जमीन पर उतारे जा रहे हैं। इससे ये बात साफ होती है कि भारत इस संकट को अवसर में बदलने के लिए कितना गंभीर और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि साल 2014 के बाद इस स्थिति को बदलने के लिए एक के बाद एक कई कदम उठाए गए। जिस कोल लिंकेज की बात कोई सोच नहीं सकता था, वो हमने करके दिखाया। ऐसे कदमों के कारण कोयला क्षेत्र को मजबूती भी मिली। उन्होंने कहा कि कोयला रिफॉर्म करते समय इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि वातावरण की रक्षा हो। वहीं कोयला से गैस बनाने के लिए अब बेहतर और आधुनिक टेक्नोलॉजी आ पाएगी। जिसके बाद कोल गैसीफिकेशन जैसे कदमों से वातावरण की भी रक्षा होगी।

खदानों की नीलामी साबित होगी फायदेमंद
पीएम मोदी ने कहा कि वाणिज्यिक कोयला खनन के लिए आज जिस नीलामी की शुरुआत हो रही है, वो हर हितधारकों के लिए फायदेमंद है। इंडस्ट्रीज को, आपको, अपने बिजनेस, अपने निवेश के लिए अब नए साधन मिलेंगे। साथ ही नया मार्केट तैयार होगा। पीएम मोदी के मुताबिक साल 2030 तक करीब 100 मिलियन टन कोयले को गैसीफाई करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 4 प्रोजेक्ट्स की पहचान हो चुकी है और इन पर करीब-करीब 20 हजार करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि देश में 16 आकांक्षात्मक जिले ऐसे हैं, जहां कोयले के बड़े-बड़े भंडार हैं, लेकिन इनका लाभ वहां के लोगों को उतना नहीं हुआ, जितना होना चाहिए था। इसके लिए भी सरकार कदम उठा रही है।












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