तो क्‍या यूपीए के नक्‍शे-कदम पर चलने को तैयार हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Narendra Modi
नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब जब करीब एक वर्ष की मेहनत के बाद केंद्र की सत्‍ता को हासिल कर लिया है तो अब उनकी कोशिश है कि वह आगे के रास्‍ते पर बच-बचकर कदम रखें। उन्‍हें इस बात का पूरा अंदेशा है कि कहीं न कहीं विपक्ष उनके और उनके सभी मंत्रियों पर कड़ी नजर रखेगा।

मोदी सरकार इस वजह से किसी मुसीबत में न फंसे इसके लिए प्रधानमंत्री की ओर से कुछ खास और सख्‍त तरीकों के बारे में अपने मंत्रियों को दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।

मोदी की ओर से जो रणनीति तैयार की गई है उसे जानेने के बाद तो लगता है कि शायद प्रधानमंत्री मोदी ने भी यूपीए के नक्‍शे-कदम पर चलने की तैयारी कर चुके हैं।

मीडिया से बात करने की मनाही
नरेंद्र मोदी के मंत्रियों को मीडिया से सीधा संवाद न करने की सख्‍त हिदायत दे दी गई है। मोदी ने अपने सभी मंत्रियों से साफ कर दिया है कि वह अपने आप मीडिया से कुछ भी न तो कहेंगे और न ही किसी मुद्दे पर अपनी सीधी राय जाहिर करेंगे।

मोदी के दिए हुए निर्देशों के मुताबिक मंत्री या तो अपने मंत्रालय के प्रवक्‍ताओं की ओर से जवाब देंगे या अगर मंत्रालय के पास कोई प्रवक्‍ता नहीं है तो फिर सरकार की ओर से नियु‍क्‍त प्रवक्ता के जरिए कोई जवाब दिया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि 26 मई को जबसे नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रियों ने शपथ ली है शायद ही किसी मंत्री ने मीडिया से कोई सीधा संवाद किया हो।

नरेंद्र मोदी को शायद इस बात का अंदाजा नहीं है कि जिस तरह से यूपीए के शासन काल में इस वजह से ही कई मंत्रियों को कुछ भी करने और कहने जैसी आजादी हासिल हो गई थी और उसकी वजह से सरकार को खासी शर्म का सामना करना पड़ा था।

इसके अलावा किसी भी मंत्री या मंत्रालय की ओर से नियुक्‍त प्रवक्‍ता किसी भी बात के सिर्फ कुछ ही हिस्‍सों को लोगों के सामने रख सकेगा। ऐसे में शायद ही जनता के सामने पूरा सच आ सके।

बिना पीएमओ की मंजूरी के नो पर्सनल स्‍टाफ
पीएमओ की ओर से सभी यूनियन मंत्रियों को निर्देश दे दिए गए हैं कि पीएमओ की मंजूरी के बिना किसी भी तरह के पर्सनल स्‍टाफ की नियुक्ति नहीं होगी। पर्सनल स्‍टाफ जैसे पर्सनल सेक्रेट्ररीज और एडीशनल पर्सनल सेक्रेटरीज की नियुक्ति के लिए पहले पीएमओ की मंजूरी लेना जरूरी होगा।
विशेषज्ञों की मानें तो इस तरह के आदेश का सिर्फ एक ही मकसद है और वह है सारी ताकत पीएमओ के पास रखना

स्टिंग ऑपरेशन से बचें
बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता बंगारू लक्ष्‍मण को जब एक कैमरे में रिश्‍वत लेते हुए कैद किया गया तो बीजेपी के साथ ही साथ दूसरे दलों में भी भूचाल की स्थिति आ गई थी। नरेंद्र मोदी इस तरह के स्टिंग ऑपरेशन से अपने मंत्रियों को बचाने की पूरी तैयार कर चुके हैं।

पीएमओ की ओर से सभी मंत्रियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनसे मिलने जो भी लोग आएंगे उस समय उनका सारा सामान और यहां तक कि उनके मोबाइल फोन, उनके पास मौजूद कैमरा या फिर उनके टेप रिकॉर्डर को मंत्री के ऑफिस में ही जमा कराना पड़ेगा।

आने वाला कोई व्‍यक्ति मंत्री को किसी तरह के स्टिंग ऑपरेशन में न फंसा सके, इससे बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।

बताया जाता है कि सोमवार को जब मोदी की उनके मंत्रियों के साथ मीटिंग हुई तो उन्‍होंने अपने सभी मंत्रियों को निर्देश दे दिया कि वह नहीं चाहते कि पार्टी को बंगारू लक्ष्‍मण जैसे किसी स्टिंग ऑपरेशन के जरिए शर्म का सामना करना पड़े।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+