'पहले पुलिस स्टेशनों पर CPM कैडर का था कब्जा, BJP शासन में है कानून का राज', त्रिपुरा रैली में बोले PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि दशकों तक कांग्रेस और कम्युनिस्टों के शासन ने त्रिपुरा के विकास में बाधा डाली। भाजपा सरकार त्रिपुरा में विकास लाई। हिंसा अब त्रिपुरा की पहचान नहीं रही।

Tripura Assembly Election 2023: त्रिपुरा में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने कमर कसकर चुनावी मैदान में उतर गई है। इसके लिए जोरशोर से प्रचार-प्रसार चल चल रहा है। 16 फरवरी को मतदान से पहले हर पार्टी जनता को रिझाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। इस बीच शनिवार को पीएम मोदी ने अंबासा में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सीपीएम पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले त्रिपुरा के पुलिस स्टेशनों पर सीपीएम कैडर का कब्जा था, लेकिन अब बीजेपी के शासन में प्रदेश में कानून का राज है। अब राज्य में महिला सशक्तिकरण है और जीवनयापन करना आसान है।
पीएम मोदी ने कहा कि दशकों तक कांग्रेस और कम्युनिस्टों के शासन ने त्रिपुरा के विकास में बाधा डाली। भाजपा सरकार त्रिपुरा में विकास लाई। हिंसा अब त्रिपुरा की पहचान नहीं रही। बीजेपी ने राज्य को भय और हिंसा से मुक्त बनाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार त्रिपुरा में लोगों की आय बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पीएम-किसान के तहत किसानों के बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर कर दिया गया है। भाजपा के सत्ता में आने के बाद यह राशि बढ़ाई जाएगी। हमारे शासन में किसान एमएसपी का लाभ उठा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि त्रिपुरा में गांवों को जोड़ने के लिए 5000 किमी सड़कें बनाई गईं। अगरतला में एक नया हवाई अड्डा भी बनाया गया था। ऑप्टिकल फाइबर और 4जी कनेक्टिविटी गांवों तक पहुंचाई जा रही है। अब त्रिपुरा वैश्विक होता जा रहा है। हम पूर्वोत्तर और त्रिपुरा को बंदरगाहों से जोड़ने के लिए जलमार्ग विकसित कर रहे हैं।
बता दें कि 60 विधानसभा सीटों वाले त्रिपुरा में इस समय भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। भाजपा ने पिछले चुनाव में सीपीएम को सत्ता से बाहर करते हुए ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। बीजेपी ने सीपीएम के 25 साल के किले को ध्वस्त किया था। पिछले चुनाव में भाजपा को 33 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि सीपीएम के खाते में 15 और आईपीएफटी के हिस्से में 4 सीटें आईं। बहुमत हासिल करने के बाद भाजपा ने बिप्लब देब को त्रिपुरा का मुख्यमंत्री बनाया, लेकिन उनके प्रदर्शन से असंतुष्ट होकर पार्टी को उनकी जगह डॉक्टर माणिक साहा को नया सीएम बनाना पड़ा।
माणिक साहा के सामने इस चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती प्रदेश संगठन के नेताओं के बीच मदभेद दूर करने की है। इसके अलावा राज्य में सहयोगी दल आईपीएफटी के साथ भी भाजपा के संबंध इस समय ठीक नहीं हैं। हाल ही में जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 'जन विश्वास यात्रा' को हरी झंडी दिखाने त्रिपुरा के दौरे पर आए तो मतभेद सुलझाने के लिए उन्हें हस्तक्षेप करना पड़ा।
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