पीएम मोदी ने की 13वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता, रूस ने उठाया अफगानिस्तान का मुद्दा
नई दिल्ली, 9 सितंबर: कोरोना महामारी और अफगानिस्तान संकट के बीच ब्रिक्स देशों के 13वें शिखर सम्मेलन का आयोजन गुरुवार को किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। महामारी की वजह से पहले ही सभी देशों ने इसे वर्चुअल माध्यम से करवाने पर सहमति जताई थी। पीएम मोदी के मुताबिक ब्रिक्स की अध्यक्षता करके भारत को काफी खुशी हुई। साथ ही सभी सदस्यों से पूरा सहयोग मिला है। जिस वजह से वे उन्हें धन्यवाद देना चाहते हैं।

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पीएम मोदी ने कहा कि हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि ब्रिक्स 15 वर्षों में और अधिक अच्छे रिजल्ट प्राप्त करे। भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए जिस विषय को चुना है, वो इस प्राथमिकता को दर्शाता है। इस वर्ष कोविड की स्थिति के बावजूद 150 से अधिक BRICS बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें से 20 से ज्यादा मंत्री स्तर के थे। उन्होंने आगे कहा कि हमने ब्रिक्स एजेंडे का विस्तार करने की कोशिश की। ब्रिक्स ने इस साल कई उपलब्धियां हासिल की हैं।
पीएम के मुताबिक हाल ही में पहले ब्रिक्स डिजिटल हेल्थ सम्मेलन का आयोजन हुआ। तकनीक की मदद से स्वास्थ्य तक पहुंच बढ़ाने के लिए ये एक नया कदम है। नवंबर में हमारे जल संसाधन मंत्री ब्रिक्स फॉर्मेट में पहली बार मिलेंगे। इसके अलावा हमने ब्रिक्स काउंटर-टेररिज्म एक्शन प्लान भी अपनाया है।
अफगानिस्तान का मुद्दा उठा
वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बैठक के दौरान अफगानिस्तान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना और उसके सहयोगियों की वापसी ने एक नया संकट पैदा कर दिया है। ये अभी भी स्पष्ट नहीं है कि ये संकट वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा को कैसे प्रभावित करेगा। हालांकि उनको इस बात से राहत है कि ब्रिक्स देशों ने इस मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने आगे कहा कि ऐसा नीति होनी चाहिए कि अफगानिस्तान अपने पड़ोसी देशों के लिए खतरा ना बने। साथ ही वहां से आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी भी ना हो पाए।












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