तीन तीर्थों से प्यारी काशी, क्या क्यूटो से भी न्यारी काशी!
वाराणसी। आज देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पीएम बनने के बाद पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पधारे हैं। अपने आप को गंगा मईया का बेटा बताकर देश की जनता से वोट की अपील करने वाले मोदी आज पहली बार बतौर पीएम शहर से मुखातिब होंगे।
पीएम के रूप में ही वो बनारस के जयापुर गांव को गोद लेने वाले हैं। बताते चले कि यह वो ही जयापुर गांव है जिसे पहले संघ ने गोद लिया था।
मोदी का मिशन: काशी बनेगी क्यूटो!
मोदी के लिए पूरा बनारस शहर दुल्हन की तरह से सजा है। उम्मीदों के सपनों से भरी बनारसवासियों की आंखे हर वक्त बस अपने पीएम का आने का बाट जोह रही है क्योंकि उन्हें लगता है कि पीएम मोदी जरूर मंदिरों के इस शहर की खूबसूरती को फिर से निखार देंगे। इस शहर वो सब कुछ होगा जो कि एक विकसित शहर में होता है।
बनेगा खूबसूरत बनारस
खुद मोदी ने बनारस को जापान के क्यूटो शहर की तरह बनाने की बात चंद महीनों पहले कही थीं। इसलिए भी बनारस के बाशिंदे मोदी की ओर टकटकी लगाये बैठे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि मोदी अपने वादों को जरूर पूरा करेंगे।
काशी और क्यूटों दोनों ही सांस्कृतिक विरासत हैं
देश की सांस्कृतिक राजधानी 'काशी' कही जाती है तो जापान का 'क्यूटो' शहर अपनी परंपराओं को सहेज कर रखने के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। दोनों ही शहर अपनी शिक्षा और मंदिरों के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं, दोनों ही आस्था और विरासत की प्रतिमूर्ति हैं और दोनों ही शहरों में लोगों को मोक्ष की प्राप्ति होती है लेकिन दोनों में सबसे बड़ा अंतर यह है कि 'काशी' की आबादी 'क्यूटो' से बहुत ज्यादा है।
क्यूटो से ज्यादा काशी की आबादी
लोग 'क्यूटो' की तरह आध्यात्म और शिक्षा की तलाश में 'काशी' आते हैं लेकिन 'क्यूटों' में बाहरी लोग स्थायी रूप से नहीं रहते लेकिन 'काशी' में इसके ठीक उलट है। यहां पूर्वी इलाकों से आने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है जिसकी वजह से यह शहर गंदगी और बदहाली का शिकार है।
मोदी ने 'काशी' को 'क्यूटो'बनाने की बात इसलिए कही थी क्योंकि दोनों ही शहर प्राचिन इतिहास के पूरक है लेकिन क्या यह संभव है? यहां के स्थानीय लोग मानते हैं कि मोदी ने 'क्यूटो' की तरह काशी बनाने की बात विकास के आधार पर की है लेकिन काशी अपनी मौलिकता कभी नहीं खो सकता है। काशी, काशी है और क्यूटो, क्यूटो।
खैर मोदी अपनी बात पर अडिग दिखते हैं और इसी कारण चंद दिनों पहले जापान का बड़ा आर्किटेक्ट विभाग और डेवलपर वाराणसी का दौरा करके गये हैं। बनारस को सबसे पहले मां गंगा की सफाई की जरूरत है क्योंकि अगर मां ही स्वस्थ नहीं रहेगी तो उसके बच्चे( बनारसवासी) कैसे स्वस्थ रहेंगे?
इसलिए आज सभी को पीएम मोदी के भाषण का इंतजार है, सभी यह जानने को बेकरार है कि पीएम मोदी अपने पिटारे से वो कौन सा मंत्र फूंकने वाले हैं जिससे हमारी काशी, क्यूटो से न्यारी हो जायेगी। इसलिए हर कोई आज पूछ रहा है कि क्या सच में मोदी साहब हम यह कह सकते हैं...तीन तीर्थों से प्यारी काशी, क्यूटो से भी न्यारी काशी!
इस बारे में आपलोग क्या सोचते हैं? अपनी बात नीचे लिखे कमेंट बॉक्स में दर्ज कराइये।













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