यूएन की बैठक में बोलें PM मोदी, कहा- आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ धरती छोड़ना हमारा पवित्र कर्तव्य
नई दिल्ली, जून 15: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक हाई लेवल बैठक को संबोधित किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी ने मरुस्थलीकरण-भूमि क्षरण और सूखे के मुद्दे पर बताया कि इन मुद्दों के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए भारत में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ ग्रह छोड़ना हमारा पवित्र कर्तव्य है। मोदी ने बताया कि भारत सहयोग की भावना से विकासशील देशों को भूमि बहाली रणनीति विकसित करने में सहायता कर रहा है।

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बंजर होती भूमि और बढ़ते सूखे के हालातों पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने भूमि और उसके संसाधनों पर हो रहे जबरदस्त दबाव को कम करने का आह्वान किया। इसके साथ ही कहा कि जाहिर है, बहुत काम हमारे सामने है। लेकिन हम कर सकते हैं। हम इसे एक साथ मिलकर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 10 सालों में भारत में लगभग 30 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र जोड़ा गया है और कहा कि इससे संयुक्त वन क्षेत्र देश के कुल क्षेत्रफल का लगभग एक-चौथाई हो गया है।
पीएम मोदी ने बैठक में यह भी बताया कि भारत भूमि क्षरण तटस्थता की अपनी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को प्राप्त करने के लिए ट्रैक पर है। इस बात पर जोर डालते हुए उन्होंने कहा कि भारत 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर खराब भूमि को बहाल करने की दिशा में भी काम कर रहा है।
वहीं गुजरात के कच्छ के रण में बन्नी क्षेत्र का उदाहरण देते हुए यह बताया कि कैसे भूमि की बहाली अच्छी मिट्टी से भूमि उत्पादकता में वृद्धि, खाद्य सुरक्षा और बेहतर आजीविका का एक अच्छा चक्र शुरू कर सकती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बन्नी क्षेत्र में भूमि की बहाली घास के मैदानों का विकास करके की गई थी, जिसने भूमि को बंजर होने से रोका गया।












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