पहली बार NAM सम्मेलन में शामिल हुए पीएम मोदी, COVID-19 पर चर्चा
नई दिल्ली- सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार गुट-निरपेक्ष सम्मेलन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। ये सम्मेलन कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के मद्देनजर अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव की विशेष पहल पर आयोजित किया गया है। सम्मेलन का मकसद कोविड-19 वैश्विक महामारी के खिलाफ जारी जंग में सदस्य देशों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना है। बता दें कि 2014 में जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, यह पहला मौका है, जब उन्होंने गुट-निरपेक्ष आंदोलन के सम्मेलन में हिस्सा लिया है।

बता दें कि सोमवार को गुट-निरपेक्ष आंदोलन का एक वर्चुअल सम्मेलन आयोजित किया गया है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया है। इस समय अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव NAM के अध्यक्ष हैं। इसलिए उन्हीं की पहल पर इसका आयोजन किया गया है। इस सम्मेलन के जरिए सदस्य देशों की कोशिश है कि कोरोना वायरस के खिलाफ जारी लड़ाई में आपसी तालमेल बिठाकर कदम उठाए जाएं। पीएम मोदी के लिए यह सम्मेलन इसलिए भी विशेष है, क्योंकि वो पहली बार इसमें शरीक हुए हैं। इस सम्मेल ने गुट-निरपेक्ष देशों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की कोरोना से निपटने को लेकर चर्चा हुई है। पाकिस्तान भी गुटनिरपेक्ष आंदोलन का सदस्य है, इस हैसियत से वह भी सम्मेलन में शामिल हुआ है।
जब शीत युद्ध का दौर था और अमेरिका और सोवियत संघ विश्व के दो केंद्र थे, तब गुट-निरपेक्ष आंदोलन दुनिया में बहुत ही प्रभावकारी माना जाता था। इसे संयुक्त राष्ट्र के बाद सबसे बड़ा कूटनीतिज्ञ संगठन माना जाता था। आज भी इस संगठन के साथ 120 एशियाई, लैटिन अमेरिकी और अफ्रीकी विकासशील देश जुड़े हुए हैं। पीएम मोदी इससे पहले कोरोना संकट पर कई तरह के वैश्विक संगठनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा कर चुके हैं। इस वक्त दुनिया के लगभग सभी देशों तक कोरोना का संक्रमण पहुंच चुका है। यही वजह है कि इस सम्मेलन की बहुत ज्यादा आवश्यकता महसूस की जा रही थी।












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