प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया राफेल का स्वागत, लिखा-नभः स्पृशं दीप्तम्...
नई दिल्ली। इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) के फ्रेंच फाइटर जेट राफेल ने हरियाणा के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर सफल लैंडिंग कर ली है। हर कोई इस घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा था। पीएम मोदी ने वायुसेना के अंदाज में राफेल का स्वागत करते हुए एक ट्वीट किया है। पीएम ने राफेल की लैंडिंग का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'नभः स्पृशं दीप्तम्,' और यह वायुसेना का ध्येय वाक्य है। आपको बता दें कि साल 2015 में जब पीएम मोदी अपनी पहली फ्रांस यात्रा पर गए थे तो उसी समय राफेल की डील को साइन किया गया था।
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2015 में हुई थी राफेल डील
पीएम मोदी ने लिखा, राष्ट्ररक्षासमं पुण्यं, राष्ट्ररक्षासमं व्रतम्, राष्ट्ररक्षासमं यज्ञो, दृष्टो नैव च नैव च।' इसका अर्थ होता है, 'राष्ट्र रक्षा के समान कोई पुण्य नही, राष्ट्र रक्षा के समान कोई व्रत नही, राष्ट्र रक्षा के समान कोई यज्ञ नही है।' इसके बाद उन्होंने आईएएफ का ध्येय वाक्य, 'नभः स्पृशं दीप्तम्' लिखा और अंत में स्वागतम के साथ अपने ट्वीट को समाप्त किया। अप्रैल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पहली फ्रांस की यात्रा पर गए थे। यहां पर 36 राफेल जेट की डील फाइनल हुई। यह डील करीब 59,000 करोड़ की बताई जा रही है।
वायुसेना का आदर्श वाक्य और इसका मतलब
भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य ‘नभ:स्पृशं दीप्तम्' गीता के 11वें अध्याय से ही लिया गया है। ऐसे में वायुसेना गीता के साथ भी एक रिश्ता रखती है। महाभारत के युद्ध के दौरान कुरूक्षेत्र की युद्धभूमि में भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिए थे, यह आदर्श वाक्स उसका ही हिस्सा था। युद्ध से पहले जब भगवान श्री कृष्ण, अर्जुन को अपना विराट रूप दिखाते हैं और तो उसे देखकर अर्जुन कुछ समय के लिए परेशान हो जाते हैं। उनका वह रूप एक पल को अर्जुन के मन में भय पैदा कर देता है। जो आदर्श वाक्य आईएएफ ने अपनाया है वह इस श्लोक का हिस्सा है, 'नभ:स्पृशं दीप्तमनेकवर्ण व्यात्ताननं दीप्तविशालनेत्रम्, दृष्ट्वा हि त्वां प्रव्यथितान्तरात्मा धृतिं न विन्दामि शमं च विष्णो।' इसका अर्थ है, ‘हे विष्णु, आकाश को स्पर्श करने वाले, देदीप्यमान, अनेक वर्णों से युक्त एवं फैलाए हुए मुख और प्रकाशमान विशाल नेत्रों से युक्त आपको देखकर भयभीत अन्तःकरण वाला मैं धीरज और शांति नहीं पाता हूं।'
पायलट्स के लिए काफी इमोशनल पल
अंबाला में लैंड करने के बाद राफेल को वॉटर गन सैल्युट दिया गया। आईएएफ चीफ, एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने राफेल का स्वागत किया। 29 जुलाई को राफेल, आधिकारिक तौर पर आईएएफ का हिस्सा बन गया है। राफेल को उड़ाकर लाए पायलट काफी इमोशनल थे और उनके चेहरों पर मुस्कान थी। लैंडिंग के बाद उतरने के बाद उन्होंने आईएएफ चीफ से मुलाकात की और उनकी बधाईयां स्वीकार कीं। पांच राफेल जेट का पहला बैच 7,000 किलोमीटर की दूरी तय करके अंबाला पहुंचा है। इस दौरान उसका स्टॉप यूएई का अल दाफ्रा एयरबेस था जहां से अमेरिका और फ्रांस की सेनाएं ऑपरेट करती हें।

हैप्पी लैंडिंग राफेल लीडर
लैंडिंग से पहले राफेल का एक वीडियो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ऑफिस की तरफ से ट्वीट किया गया है। इसमें नजर आ रहा है कि पांच राफेल को आईएएफ के फाइटर जेट सुखोई अपने साए में लेकर चल रहे हैं। राफेल ने आज संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अल दाफ्रा एयरबेस से टेक ऑफ किया था। अंबाला पहुंचने से पहले राफेल जेट के पायलट ने इंडियन नेवी की वॉरशिप आईएनएस कोलकाता के कैप्टन के बात की है। यूएई से टेक ऑफ करने के बाद यह वार्ता हुई है। आईएनएस कोलकाता की तरफ से कहा गया, 'आईएनएस कोलकाता डेल्टा63: एरो लीडर फ्लाइंग राफेल, हिंद महासागर में आपका स्वागत है राफेल लीडर। बहुत धन्यवाद। एक भारतीय वॉरशिप हिंद महासागर की सुरक्षा में तैनात है। आप गर्व के साथ आसमान की ऊचाईयों को छुएं। हैप्पी लैंडिंग राफेल लीडर।'












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