पीएम मोदी ने किया कानूनों में सुधार का समर्थन, बोले- पिछली शताब्दी के कानून अगली शताब्दी के लिए 'बोझ'
नई दिल्ली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों को लेकर किए जा रहे किसान आंदोलन के बीच पुराने कानूनों में सुधार करने का समर्थन किया है। सोमवार को जारी एक वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि नई सुविधाओं के लिए, नई व्यवस्थाओं के लिए रिफॉर्म्स (सुधार) बहुत जरूरी हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा, हम पिछली शताब्दी के कानून लेकर के अगली शताब्दी का निर्माण नहीं कर सकते। खास बात यह है कि पुराने कानूनों में सुधार को लेकर पीएम मोदी का यह बयान उस समय आया है जब उत्तर भारत के किसान नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
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पीएम मोदी ने देश को संदेश देते हुए कहा कि पहले रिफॉर्म्स टुकड़ों में होते थे और कुछ सेक्टरों, कुछ विभागों को ध्यान में रखते हुए होते थे। अब एक संपूर्णता की सोच से रिफॉर्म्स किए जा रहे हैं। जो कानून पिछली शताब्दी में बहुत उपयोगी हुए, वो अगली शताब्दी के लिए बोझ बन जाते हैं। और इसलिए रिफॉर्म्स की लगातर प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए। लोग अक्सर ये सवाल पूछते हैं कि पहले की तुलना में अब हो रहे रिफॉर्म ज्यादा बेहतर तरीके से काम क्यों करते हैं? पहली की तुलना में अब अलग क्या हो रहा है?
पीएम मोदी ने आगे कहते हैं, इसका कारण बहुत ही साधारण है, वर्तमान में जो रिफॉर्म्स किए जा रहे हैं वह संपूर्णता की सोच से हो रहे हैं। पहले यह टुकड़ों और कुछ सेक्टरों में होते थे। शहरों के विकास के लिए हमने चार स्तरों पर काम किया है। पहला- बीते समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान हो, दूसरा- जीवन ज्यादा से ज्यादा सुगम हो, तीसरा- ज्यादा से ज्यादा निवेश हो और चौथा- शहरों की व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीकि का इस्तेमाल अधिक हो। रियल एस्टेट की क्या स्थिति थी इससे हम सभी भली भांती परिचित थे।
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