Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

'किसानों के हित से कोई समझौता नहीं, चाहे कीमत कुछ भी चुकानी पड़े', 'ट्रंप के टैरिफ' पर PM मोदी का बड़ा बयान

PM Modi On Amid Trump Tariff Tirade: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर भारी टैरिफ लगाने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के पक्ष में बड़ा और साफ संदेश दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने दो टूक कहा है कि किसानों, मछुआरों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों के हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीएम मोदी ने कहा भारत अपने किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनके हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा, "भारत अपने किसानो के हक पर कोई समझौता नहीं करेगा। हमें पता है कि इसके लिए हमें बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है -और मैं इसके लिए पूरी तरह तैयार हूं। भारत तैयार है।'' इस बयान के जरिए प्रधानमंत्री ने यह साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव या व्यापारिक तनाव के बावजूद, किसानों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।

PM Modi On Amid Trump Tariff Tirade

PM मोदी बोले- मुझे इसके लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,

"हमारे लिए, हमारे किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा। मैं व्यक्तिगत रूप से जानता हूं, मुझे इसके लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं। आज भारत देश के किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के लिए तैयार है।"


पीएम मोदी के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार तनाव बढ़ता जा रहा है, खासकर रूस से तेल आयात को लेकर। अमेरिका की आपत्ति के बावजूद भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा है।

भारत ने अमेरिका की कार्रवाई को बताया अनुचित और भेदभावपूर्ण

पीएम मोदी के बयान से पहले भारत सरकार ने अमेरिका के टैरिफ फैसले की कड़ी निंदा की थी। विदेश मंत्रालय (MEA) ने अमेरिका की इस कार्रवाई को "अनुचित, अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य" बताया। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने जानबूझकर भारत के रूस से तेल आयात को निशाना बनाया, जबकि भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि उसके तेल आयात बाजार की जरूरतों और 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्य से तय होते हैं।

MEA ने यह भी कहा कि कई अन्य देश भी अपने राष्ट्रीय हितों के तहत रूस से तेल खरीद रहे हैं। केवल भारत को निशाना बनाना भेदभावपूर्ण है और भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।

कृषि एक बड़ा मुद्दा बना अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों में

हालांकि रूस से तेल आयात इस विवाद का वर्तमान केंद्र है, लेकिन कृषि पहले से ही भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं में एक संवेदनशील और जटिल मुद्दा रहा है। अमेरिका चाहता है कि भारत अपने बाजार को अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों के लिए और अधिक खोले, लेकिन भारत अपनी घरेलू कृषि व्यवस्था, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और खाद्य सुरक्षा नीति के तहत इसे लेकर सतर्क है।

इसके अलावा, जेनेटिकली मोडिफाइड फसलों, स्वास्थ्य और स्वच्छता मानकों, और स्थानीय आजीविकाओं पर संभावित प्रभाव को लेकर भारत की चिंताएं बनी हुई हैं, जिससे इस क्षेत्र में समझौते और कठिन हो जाते हैं।

एक सरकारी सूत्र की मानें तो "किसानों के हित सर्वोपरि हैं और भारत किसी भी तरह के अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं आएगा। सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह स्पष्ट है।"

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+