PM Modi विपक्षी गठबंधन पर बरसे, Quit India मूवमेंट का जिक्र कर बोले- देश में एक ही आवाज- वंशवाद भारत छोड़ो
PM Modi ने विपक्षी दलों की एकजुटता पर करारा हमला बोला है। प्रधानमंत्री ने 2024 के लोक सभा चुनाव से पहले बने 26 दलों के गठबंधन- INDIA को आड़े हाथों लिया और कहा, आज पूरा देश एक स्वर में क्विट इंडिया बोल रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जनता करप्शन, वंशवाद और तुष्टिकरण से मुक्ति चाहती है। उन्होंने अपने बयान को ऐतिहासिक Quit India Movement से जोड़ा और कहा, 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ है।

भारतीय रेलवे के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने वर्चुअल संबोधन में कहा, महात्मा गांधी से मिले मंत्र के कारण भारत की आजादी की लड़ाई में नई जान आ गई। बता दें कि पीएम मोदी इससे पहले भी कांग्रेस मुक्त भारत और INDIA अलायंस में शामिल NCP पर करप्शन के गंभीर आरोप लगा चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 9 अगस्त को क्विट इंडिया मूवमेंट की बरसी है। इस मौके पर महात्मा गांधी से प्रेरित तमाम देशवासी एक ही बात कह रहे हैं, सभी बुराइयों को देश छोड़कर जाना होगा।
भारत छोड़ो का नारा दे रहे हैं देशवासी
उन्होंने कहा, सभी बुराइयों के लिए देशवासी 'भारत छोड़ो' का नारा दे रहे हैं। हर तरफ से एक ही आवाज आ रही है, भ्रष्टाचार, भारत छोड़ो। वंशवाद, भारत छोड़ो. तुष्टीकरण, भारत छोड़ो।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज भी विपक्ष का एक धड़ा पुरानी धुरी पर चल रहा है। वह आज भी ना खुद कुछ करेंगे ना करने देंगे का विचार रखता है। सरकार ने संसद की नई इमारत बनवाई, कर्तव्य पथ का विकास किया लेकिन विपक्ष ने इसका भी विरोध किया।
बकौल पीएम मोदी, हमने वॉर मेमोरियल बनाया उसका भी विपक्ष ने विरोध किया। सरदार वल्लभ भाई की स्टैच्यू को लेकर भी विरोध किया। इनका (विपक्ष) एक भी नेता स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर नहीं गया।
प्रधानमंत्री ने 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखने के बाद कटाक्ष करते हुए कहा, विपक्ष दूसरों को अपना काम नहीं करने देने और न ही खुद कुछ करने देने पर आमादा है। भारत छोड़ो आंदोलन 9 अगस्त, 1942 को शुरू हुआ था। आज देश बुराईयों को भारत से निकाल रहा है।
उन्होंने कहा, "देश ने एक आधुनिक संसद भवन बनाया। संसद देश के लोकतंत्र का प्रतीक है। इसमें सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष का भी प्रतिनिधित्व है। लेकिन विपक्ष के इस गुट ने नए संसद भवन का भी विरोध किया।"
"70 साल तक, उन्होंने देश के बहादुरों के लिए एक युद्ध स्मारक भी नहीं बनाया। जब हमने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक बनाया, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से इसकी आलोचना करने में कोई शर्म महसूस नहीं हुई।
प्रधानमंत्री ने कहा, नकारात्मक राजनीति से ऊपर उठकर, हम एक मिशन के रूप में सकारात्मक राजनीति के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने रविवार को देशभर में मेगा प्रोजेक्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया।
इसके तहत 508 स्टेशन 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्विकसित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 55-55, बिहार में 49, महाराष्ट्र में 44, पश्चिम बंगाल में 37, मध्य प्रदेश में 34, असम में 32, ओडिशा में 25, पंजाब में 22 स्टेशन शामिल हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, गुजरात और तेलंगाना में 21-21, झारखंड में 20, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में 18-18 और हरियाणा के 15 स्टेशन और कर्नाटक में 13 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा।
पुनर्विकास, जिसकी लागत 24,470 करोड़ रुपये होगी, अच्छी तरह से डिजाइन किए गए यातायात सर्कुलेशन, यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए अच्छी तरह से डिजाइन किए गए साइनेज के साथ-साथ आधुनिक यात्री सुविधाओं का विकास होगा।
स्टेशन भवनों का डिज़ाइन स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला से प्रेरित होगा। सरकार के अनुसार, 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के दृष्टिकोण के तहत, परियोजना शुरू की गई और 508 स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी गई।
Quit India मूवमेंट के जिक्र का महत्व
गौरतलब है कि ब्रिटिश हुकूमत से आजादी के लिए असंख्य सपूतों ने अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया। 1947 में मिली आजादी से पहले 1857 की क्रांति के अलावा भी कई अहम पड़ाव रहे हैं।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष समेत कई बलिदानियों ने भारत को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई। बापू के आह्वान पर उत्साह के साथ स्वतंत्रता संग्राम में लड़े आजादी के दीवानों ने भारत को ब्रिटिश हुकूमत से आजाद कराया।
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