Mann ki Baat में PM मोदी का अलर्ट, वैश्विक तनाव के बीच बोलें- कठिन समय में देशहित पर फोकस जरूरी, 5 बड़ी बातें
PM Modi Mann Ki Baat Episode: मध्य एशिया में जंग से पूरी दुनिया एनर्जी क्राइसिस को लेकर बेहद चिंतित है इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 29 मार्च को 'मन की बात' के 132वें एपिसोड के जरिए राष्ट्र को संबोधित किया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने वैश्विक उथल-पुथल, पड़ोसी क्षेत्रों में जारी युद्ध, अर्थव्यवस्था, युवाओं की भागीदारी और फिटनेस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

पीएम ने देशवासियों को आगाह किया कि दुनिया एक कठिन दौर से गुजर रही है और ऐसे में भारत की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ढाल है। विस्तार से पढ़िए पीएम मोदी ने अपने मन की बात में राष्ट्र को संबोधित करते हुए क्या-क्या कहा...
युद्ध और वैश्विक संकट पर चिंता: पड़ोसी क्षेत्र के हालात गंभीर
प्रधानमंत्री ने वैश्विक शांति पर गहरा क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि पूरी दुनिया को उम्मीद थी कि कोविड महामारी के बाद हालात सुधरेंगे और विकास की रफ्तार तेज होगी। लेकिन, इसके विपरीत दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है।
पीएम ने विशेष रूप से पड़ोसी क्षेत्रों में पिछले एक महीने से चल रहे भीषण युद्ध का जिक्र किया। उन्होंने कहा, इन क्षेत्रों में हमारे लाखों भारतीयों के परिवार और रिश्तेदार रहते हैं। मैं खाड़ी देशों का आभार व्यक्त करता हूं जो वहां रह रहे 1 करोड़ से अधिक भारतीयों की सुरक्षा और मदद सुनिश्चित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस समय को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि संकट के इस दौर में 140 करोड़ देशवासियों को एकजुट रहना होगा।
अफवाहों और राजनीति पर प्रहार, सतर्क रहने की सलाह
पीएम मोदी ने देश के भीतर पनप रही अफवाहों और इस संवेदनशील मुद्दे पर हो रही राजनीति को लेकर कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा और विदेशी मामलों पर राजनीति करना देशहित के खिलाफ है। PM मोदी ने कहा कि अफवाह फैलाने वाले तत्व देश की नींव को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
नागरिकों को ऐसे बहकावे में आने से बचना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और जब करोड़ों युवाओं की ऊर्जा राष्ट्र निर्माण से जुड़ती है, तो कोई भी संकट टिक नहीं सकता।
फिटनेस मंत्र: 'योग अपनाएं, चीनी और तेल घटाएं'
आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का जिक्र करते हुए पीएम ने देशवासियों से अपनी जीवनशैली में सुधार करने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे अपने दैनिक आहार में चीनी (शुगर) और कुकिंग ऑयल (खाने के तेल) का इस्तेमाल कम करें।
यह लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों से बचने का सबसे सरल तरीका है। PM Modi ने माय भारत (MY Bharat) संगठन की सराहना करते हुए बताया कि कैसे लाखों युवा बजट फेस्ट जैसी सकारात्मक गतिविधियों के जरिए देश के विकास में अपने विचार साझा कर रहे हैं।
खेलों में भारत का परचम: टी-20 वर्ल्ड कप और रणजी का जिक्र
प्रधानमंत्री ने भारतीय खिलाड़ियों की हालिया उपलब्धियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने भारत की टी-20 विश्व कप जीत को पूरे देश के लिए गौरव का क्षण बताया। पीएम मोदी ने विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर की रणजी ट्रॉफी जीत का उल्लेख किया।
उन्होंने इसे एक लंबे इंतजार के बाद मिली बड़ी सफलता करार दिया और कहा कि इससे घाटी के युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह पैदा होगा। उन्होंने स्क्वॉश, हाफ मैराथन और अन्य खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि देश की बेटियां आज हर मैदान में नेतृत्व कर रही हैं।
शिक्षा और निरंतर अभ्यास का संदेश
संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु के एक शिक्षा संबंधी प्रयास का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं है। सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी और निरंतर अभ्यास ही ज्ञान को समझ में बदलता है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और निरंतर नया सीखने की अपील के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब दुनिया कई मोर्चों पर अस्थिरता का सामना कर रही है। उन्होंने साफ संदेश दिया कि इस चुनौतीपूर्ण दौर में देशवासियों को एकजुट रहकर, अफवाहों से दूर रहकर और देशहित को सर्वोपरि रखते हुए आगे बढ़ना होगा। भारत की असली ताकत उसके नागरिकों में है, और उसी ताकत के बल पर देश हर संकट का सामना कर सकता है।












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