फ्रांसीसी राष्ट्रपति के सामने पीएम मोदी की जुबां फिसली, तुरंत सुधारी भूल
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिलहाल पेरिस से दिल्ली वापस आने के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। अपनी चार दिवसीय यात्रा के दौरान पीएम मोदी जर्मनी, रूस, स्पेन और फ्रांस गए और वहां के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात की।

और जब फिसली जुबां
शनिवार को पीएम मोदी जब राष्ट्रपति एमानुअल मैक्रोन के साथ साझा प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे, उस दौरान वो एक छोटी सी भूल कर बैठे। या यूं कह सकते हैं कि उनकी जुबां फिसल गई। दरअसल, पीएम मोदी जब पेरिस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमानुअल मैक्रोन के बाद बोल रहे थे उस दौरान उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए फ्रांस के चुनाव को जर्मनी का चुनाव बता दिया।

जबकि यह है हकीकत
पीएम मोदी ने कहा, 'जर्मनी का शायद ये चुनाव था, फ्रांस का शायद ये चुनाव था। जिस पर पूरे विश्व की नजर थी।' गौरतलब है कि 8 मई को ही फ्रांस को उसका नया राष्ट्रपति मिला है। 39 वर्षीय इमैनुएल मैक्रॉन ने राष्ट्रपति के चुनाव में मरीन ले पेन को हराकर इतिहास रच दिया था। मैक्रॉन फ्रेंच फिफ्थ रिपब्लिक के 59 वर्ष के इतिहास में सबसे युवा राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं।

लेकिन नहीं हुआ ऐसा पहली बार
हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब पीएम मोदी की जुबां फिसली हो। जून 2016 में जब पीएम मोदी अमेरिका दौरे पर गए थे, उस वक्त उन्होंने कहा था कोणार्क स्थित सूर्य मंदिर 2,000 साल पुराने हैं, जो कि सिर्फ 700 साल पुराने हैं। वहीं साल 2013 में बिहार की राजधानी पटना की रैली में मोदी ने बिहार का जिक्र करते हुए सम्राच अशोक, पाटलिपुत्र, नालंदा और तक्षशिला का नाम लिया था जबकि हकीकत यह है कि तक्षशिला पंजाब का हिस्सा रहा है और अब वो पाकिस्तान में है।

जब बता दिया गांधी का नाम गलत
एक बार तो पीएम मोदी ने साल 2003 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम मोहनलाल करमचंद गांधी बता दिया था जबकि उनका पूरा नाम है मोहन दास करमचंद गांधी। साल 2003 में ही अहमदाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम ने कहा था कि आजादी के वक्त एक डॉलर की कीमत एक रुपए के बराबर थी जबकि हकीकत यह है कि आजादी के समय एक रुपए की कीमत 30 सेंट और एक पाउंड के बराबर थी।

लाल किले के दरवाजे से भाषण!
साल 2003 के अक्टूबर में मोदी ने अहमदाबाद में ही एक कार्यक्रम में कह दिया था कि नगरपालिका में महिलाओं के आरक्षण का प्रस्ताव सरदार वल्लभ भाई पटेल ने साल 1919 में रखा था लेकिन सच्चाई यह है कि सरदार पटेल ने यह प्रस्ताव साल 1926 में सदन में रखा था। नवंबर 2003 में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में कहा था कि 15 अगस्त को पीएम का भाषण लाल दरवाजे से होता है जबकि पीएम का भाषण दिल्ली स्थित लाल किले से होता है, ना कि दरवाजे से।

मिसेज सिरिसेना नहीं M.R.S सिरिसेना!
2003 में ही महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पीएम मोदी ने कहा था कि साल 1960 से राज्य के 26 सीएम हुए लेकिन हकीकत यह है कि उस वक्त तक सिर्फ 17 मुख्यमंत्रियों ने 26 बार शपथ ली थी। साल 2015 में वाइब्रेंट गुजरात के एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने टेलीप्रॉम्पटर पर श्रीलंकाई राष्ट्रपति की पत्नी को मिसेज सिरीसेना कहने की जगह M.R.S सिरीसेना कह गए थे। जिसे सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया था।












Click it and Unblock the Notifications