क्या पीएम मोदी के लंच से पकेगी चुनावी खिचड़ी, 400 पार की सारथी बनेंगी TDP, BJD और BSP?
Parliament Budget Session: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने अचानक और अप्रत्याशित फैसलों के लिए जाने जाते हैं। उनके दूसरे कार्यकाल के आखिरी बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को संसद परिसर में एक बार फिर से पीएम मोदी ने अपने उसी अप्रत्याशित अंदाज से कई सांसदों को अभिभूत कर दिया।
इस बार संसद की कैंटीन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी के साथ-साथ कई अन्य दलों के सांसदों जिनमें टीडीपी, बीजेडी और बीएसपी शामिल है, उन्हें अपने साथ लंच के लिए बुला लिया।

पीएम मोदी ने सांसदों को अचानक लंच के लिए बुलाकर चौंकाया
पीएम मोदी अपने साथ भोजन के लिए बुला रहे हैं, थोड़ी देर के लिए किसी भी सांसद के लिए सहजता से यह यकीन करना मुश्किल था।
प्रधानमंत्री मोदी ने इन सांसदों से बहुत ही मजाकिया लहजे में कहा कि 'आज मैं आप लोगों को सजा देने जा रहा हूं, मेरे साथ आइए...।' दरअसल, पीएम मोदी ने इन सांसदों को अपने साथ पार्लियामेंट कैंटीन में दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया था।
इन सांसदों ने पीएम मोदी के साथ किया लंच
जिन सांसदों को प्रधानमंत्री के साथ एक ही टेबल पर भोजन करने का मौका मिला, उनमें टीडीपी के राम मोहन नायडू, बीएसपी के रितेश पांडे, बीजेडी के सस्मित पात्रा, केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन, लद्दाख के भाजपा सांसद जामयांग नामग्याल और महाराष्ट्र से पार्टी सांसद हीना गावित शामिल हैं।
पीएम मोदी के लंच का मेन्यू
प्रधानमंत्री मोदी शुद्ध शाकाहारी भोजन करते हैं और उन्होंने साथी सांसदों के लिए भी भोजन में चावल, दाल, खिचड़ी और तिल का लड्डू ही मंगवाया।
सांसदों ने पीएम मोदी से की खुलकर बात
भोजन के दौरान सांसदों ने पीएम मोदी के साथ विभिन्न मुद्दों पर खुलकर बात की। जैसे कि उनकी दिनचर्या कैसी रहती है, वह इतने सख्त शेड्यूल का पालन कैसे कर लेते हैं।
जानकारी के मुताबिक सबसे दिलचस्प बात ये रही कि पीएम मोदी ने सांसदों को यह भी बताया कि किसी तरह से 2015 में वे एसपीजी के विरोध के बावजूद तत्कालीन पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ की बेटी की शादी के दिन अचानक लाहौर पहुंच गए थे।
टीडीपी-बीजेडी के साथ गठबंधन की चर्चा के बीच लंच से सरप्राइज
पीएम मोदी ने सांसदों को यह सरप्राइज ऐसे समय में दिया है, जब लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी और टीडीपी में तालमेल की चर्चा चल रही है और बीजेडी के साथ भी सियासी खिचड़ी पकने की अटकलें लग रही हैं।
'ऐसा लगा ही नहीं कि हम प्रधानमंत्री के साथ बैठे हुए थे'
बाद में एनडीटीवी को एक सांसद ने बताया, 'प्रधानमंत्री के साथ सांसदों की कैंटीन में लंच पर यह पूरी तरह से आकस्मिक और रोचक बैठक थी। यह अच्छा संकेत है।'
एक और सांसद ने कहा, 'ऐसा लगा ही नहीं कि हम प्रधानमंत्री के साथ बैठे हुए थे।' लंच के बाद प्रधानमंत्री ने अपने अधिकारियों को उनकी ओर से पेमेंट करने का निर्देश भी दिया।
कुल मिलाकर पीएम मोदी के साथ लंच का अवसर पाने वाले सांसदों की बातों से यही निकल कर आ रहा है कि प्रधानमंत्री आए, उनके साथ बैठकर खाना खाया और उनका दिल जीत लिया।
प्रधानमंत्री ने संसद के अंदर इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए 370 और एनडीए के लिए 400 से ज्यादा सीटें जीतने की भविष्यवाणी की है। ऐसे में विपक्षी दलों के सांसदों को इस तरह से सरप्राइज लंच देना इस टारगेट को प्राप्त करने की दिशा में एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश हो सकती है।












Click it and Unblock the Notifications