Gujarat: सीएम भूपेंद्र पटेल ने HPV वैक्सीनेशन कैंपेन की शुरूआत, सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा करेगा ये टीका
HPV Vaccination campaign: देश में बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के अजमेर से राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया।
प्रधानमंत्री की वर्चुअल उपस्थिति में अहमदाबाद स्थित सोला सिविल अस्पताल में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल तथा स्वास्थ्य मंत्री प्रफुलभाई पानसेरिया की उपस्थिति में गुजरात राज्यव्यापी एचपीवी टीकाकरण महाअभियान का भव्य शुभारंभ किया गया।

गुजरात में एचपीवी टीकाकरण की नई पहल
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री प्रफुलभाई पानसेरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात वर्ष 2007 से पोलियोमुक्त बना हुआ है और राज्य में टीकाकरण प्रक्रिया को अधिक सरल, सुलभ एवं प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि जो टीके पहले विदेशों से मंगवाने पड़ते थे, आज भारत स्वयं स्वदेशी वैक्सीन बनाकर विश्व की सहायता करने में सक्षम हो चुका है, जो आत्मनिर्भर भारत की सशक्त पहचान है।

आयुष्मान योजना की सीमा बढ़ी, अंधविश्वास से दूर रहने की अपील
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्ति की भी दवाई या आर्थिक अभाव में मृत्यु न हो। इसी उद्देश्य से आयुष्मान कार्ड के तहत उपचार खर्च की सीमा 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दी गई है। उन्होंने अभिभावकों से अंधश्रद्धा, अंधविश्वास और अफवाहों से दूर रहने का आग्रह करते हुए स्पष्ट किया कि एचपीवी टीका वैज्ञानिक पद्धति से तैयार किया गया है और चिकित्सकीय निगरानी में पूरी तरह सुरक्षित है।
उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट जैसी समस्याओं के कारण कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में "पहला सुख निरोगी काया" के सूत्र को सार्थक करने के लिए बेटियों का समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।
150 करोड़ की लागत से निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन
गुजरात सरकार व्यापक टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत हर वर्ष बच्चों के टीकाकरण पर 240 करोड़ रुपए से अधिक व्यय करती है। अब इस श्रृंखला में एचपीवी वैक्सीन को भी शामिल किया गया है। बाजार में इस वैक्सीन की एक डोज की कीमत लगभग 3000 रुपए है, किंतु राज्य सरकार ने 150 करोड़ रुपए आवंटित कर इसे पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
5.50 लाख किशोरियों को मिलेगा लाभ
इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत राज्य की 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की अनुमानित 5.50 लाख किशोरियों को टीकाकरण से सुरक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। भारत में महिलाओं में होने वाले कुल कैंसर मामलों में सर्वाइकल कैंसर दूसरे स्थान पर है, जिसमें मुख्य रूप से एचपीवी-16 और एचपीवी-18 वायरस जिम्मेदार होते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए प्रभावशाली और सुरक्षित क्वाड्रिवेलेंट एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है।












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