आज लेह में पीएम मोदी रखेंगे गेमचेंजर जोजिला टनल की नींव, जानिए इसके बारे में सब-कुछ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जम्‍मू कश्‍मीर दौरे पर हैं और यहां पर वह कई प्रोजेक्‍ट्स का उद्घाटन करने वाले हैं। किशनगंगा हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्‍ट्स के अलावा पीएम मोदी, श्रीनगर-करगिल-लेह को नेशनल हाइवे पर स्थित जोजिला पास पर एक टनल की आधारशिला भी रखने वाले हैं।

श्रीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जम्‍मू कश्‍मीर दौरे पर हैं और यहां पर वह कई प्रोजेक्‍ट्स का उद्घाटन करने वाले हैं। किशनगंगा हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्‍ट्स के अलावा पीएम मोदी, श्रीनगर-करगिल-लेह को नेशनल हाइवे पर स्थित जोजिला पास पर एक टनल की आधारशिला भी रखने वाले हैं। इस टनल को न सिर्फ पर्यटन बल्कि जम्‍मू कश्‍मीर की सुरक्षा के लिए भी काफी अहम करार दिया जा रहा है। जोजिला पास पर बनने वाली यह सुरंग एशिया की पहली बाइ-डायरेक्‍शनल टनल होने वाली हैं। पीएम मोदी इस टनल का उद्घाटन लेह में करेंगे और श्रीनगर के बाद वह सीधा लेह के लिए रवाना हो जाएंगे।

अब बर्फबारी में भी नहीं बंद होगा रास्‍ता

अब बर्फबारी में भी नहीं बंद होगा रास्‍ता

जोजिला पास श्रीनगर-कारगिल-लेह नेशनल हाइवे पर स्थित है और करीब 11,578 की ऊंचाई से होकर गुजरता है। सर्दियों में भारी बर्फबारी की वजह से यह रास्‍ता पूरी तरह से बंद हो जाता है। इसकी वजह से कश्‍मीर घाटी और लद्दाख तक का संपर्क करीब छह माह तक कटा रहता है। इस वजह से आज पीएम मोदी जिस टनल की आधारशिला रखेंगे वह कई मायनों में अहम हो जाती है।

एशिया का पहली ऐसी सुरंग

एशिया का पहली ऐसी सुरंग

जोजिला पास पर बनी यह टनल एशिया की सबसे लंबी बाइ-डायरेक्‍शनल टनल होगी और इसके निर्माण में करीब 6,089 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस टनल के निर्माण का मकसद जम्‍मू कश्‍मीर और लेह को हर मौसम में कनेक्‍ट रखना और यह रणनीतिक तौर पर एक अहम फैसला है। जोजिला टनल करीब 14 किलोमीटर लंबी होगी। इस टनल का निर्माण ईपीसी मोड यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्‍यॉरमेंट, कंस्‍ट्रक्‍शन के तहत हो रहा है। इस मोड के तहत जहां भारत सरकार की ओर से टनल का काम पूरा करने वाली एजेंसी को पैसे दिए जाएंगे और बाद में एजेंसी इस प्रोजेक्‍ट को भारत सरकार को सौंप देगी।

सात वर्ष में पूरा होगा काम

सात वर्ष में पूरा होगा काम

पहले इस टनल का निर्माण पीपीपी मोड के तहत होना था। लेकिन साल 2013 में पांच बार बोली के बाद भी जब कोई भी कंपनी सामने नहीं आई तो फिर एक कंपनी को इसके निर्माण की जिम्‍मेदारी सौंपी गई। इस टनल के प्रोजेक्‍ट को अक्‍टूबर 2013 में मंजूरी दी गई थी। मई 2017 में चार प्राइवेट कंपनियों की ओर से इसमें रूचि दिखाई गई। एलएंडटी, आईएलएफसी, जेपी इंफोटेक और रिलायंस इंफ्रा ने इस प्रोजेक्‍ट में रूचि दिखाई थी। जून 2017 में कॉन्‍ट्रैक्‍ट दिए गए और अगस्‍त 2017 में निर्माण कार्य शुरू होना था। इस टनल को आईएलएंडएफएस की ओर से निर्मित किया जा रहा है। इसके निर्माण में करीब सात वर्ष का समय लगेगा।

विशेषज्ञों ने कहा प्रोजेक्‍ट को गेमचेंजर

विशेषज्ञों ने कहा प्रोजेक्‍ट को गेमचेंजर

जोजिला सुरंग को जम्‍मू कश्‍मीर में जारी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट्स के लिए एक गेमचेंजर करार दिया जा रहा है। इस सुरंग के अलावा इसके साथ ही एक और सुरंग का निर्माण कार्य जारी है। जे-मोरह सुरंग का काम भी तेजी से जारी है। सोनमर्ग के नजदीक इस सुरंग का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इस सुरंग का निर्माण हैदराबाद की एक कंपनी कर रही है और यह 6.5 किेलोमीटर लंबी है। यह सुरंग गांदरबल जिले के गगनगिर और सोनमर्ग को आपस में जोड़ती है। इस सुरंग के निर्माण में करीब 2716.90 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

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