2019 के संग्राम से पहले मोदी ने मंत्रियों को सौंपा एक खास काम, कहा हर हाल में पूरा करो
. पीएम मोदी ने जीएसटी को लागू कराने के लिए कसी कमर, तमाम मंत्रियों को दिए निर्देश, जिलों में जाकर करें जीएसटी का प्रचार
नई दिल्ली। केंद्र सरकार जीएसटी यानिक उत्पाद एवं सेवा कर को 1 जुलाई से लागू करने जा रही है, ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्रियों से चाहते हैं कि वह देश में सबसे बड़े कर सुधार को सफल बनाने के लिए अपना अधिक से अधिक योगदान दें। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तमाम मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वह 2 जुलाई से 7 जुलाई के बीच तमाम शहरों का दौरा करें और लोगों के बीच जीएसटी का प्रचार करें।
इसे भी पढ़ें-यूपीए सरकार में VIP होने की वजह से रॉबर्ट वाड्रा को दिया गया था लाइसेंस!

चुनाव में जीएसटी का लाभ लेने में सत्ता-विपक्ष में जंग
आगामी 2019 के चुनावों को देखते हुए भाजपा सरकार जीएसटी को देशभर में लागू कराकर इसका अधिक से अधिक लाभ लेना चाहती है, ताकि वह कांग्रेस को आने वाले समय में और भी पीछे छोड़ सके। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस भी जीएसटी को लागू कराने में अपना श्रेय लेने से चूकना नहीं चाहती है, कांग्रेस लगातार कहती आ रही है कि उसकी सरकार के दौरान जीएसटी को लाया गया था।

जीडीपी में होगी बढ़ोत्तरी
माना जा रहा है कि जीएसटी के लागू होने के बाद देश की जीडीपी में 1 से 2 फीसदी की बढ़ोत्तरी होगी और महंगाई दर कम से कम 2 फीसदी तक कम होगी। कर व्यवस्था का एकीकरण होने से आने वाले समय में यह देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेगा और विकास की रफ्तार को आगे बढ़ाएगा, इसके साथ ही देश की भ्रष्ट अर्थव्यवस्था को भी कम करने में जीएसटी काफी अहम भूमिका निभाएगा।

पहली बार पीएम ने बैठक में की शिरकत
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी को लागू करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की थी, इसके लिए हुई बैठक में पीएम मोदी खुद शामिल हुए थे, जिसमें वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी हिस्सा लिया था, इसका अलावा वित्त सचिव हंसमुख अढिया और कस्टम व एक्साइज विभाग के कई आला अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया था। 2 मई को जीएसटी पर मुहर लगने के बाद पीएम मोदी ने पहली बार जीएसटी को लागू करने के लिए हो रहे प्रयासों के तहत समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया है।

अलग-अलग स्लैब में रखा गया है उत्पादों को
जीएसटी के तहत तमाम उत्पादों और सेवाओं को अलग-अलग स्लैब में रखा गया है, इन्हें 5, 12, 18 और 28 फीसदी के कर के स्लैब में रखा गया है। हालांकि इसमें सोना और कुछ महंगी धातुओं को अलग रखा गया है, इसपर तीन फीसदी अतिरिक्त जीएसटी रखा गया है, जबकि कच्चे हीरे पर 0.25 फीसदी का जीएसटी रखा गया है। वहीं नमक, दूध, गुड़, दही, अंडा, पनीर और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ, ताझ सब्जियां, बिना ब्रांड वाला आटा, मैदान, बींस, शहद, सहति स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी वस्तुओं को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है।

इन उत्पादों पर लागू होगा जीएसटी
चाय, चीनी, कॉफी, खाने वाला तेल, पैक पनीर, दूध का पाउडर, झाड़ू, एलपीजी गैस, मिट्टी के ते को जीएसटी के दायरे में रखा गया है। इन्हें पाच फीसदी के दायरे में रखा गया है। जीएसटी के जरिए 16 अलग-अलग तरह के कर इकट्ठा किए जाएंगे, जिसमें एक्साइज, सर्विस टैक्स वैट, शामिल हैं, ताकि देश के बाजार को एक कर व्यवस्था से जोड़ा जा सके।

केंद्रीय रजिस्ट्रेशन नहीं होगा बैंकों का
वहीं देश के बैंकों के लिए जीएसटी के तहत अलग से केंद्रीय पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी, केंद्र सरकार ने तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए कहा है कि प्रदेश के बैंक को अळग से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बैंक इस बात की मांग कर रहे थे कि उन्हें राष्ट्रीय पंजीकरण से जोड़ा जाए, इनका मानना था कि कई जगह पर रिजस्ट्रेशन कराने की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।












Click it and Unblock the Notifications