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Ujjwal Nikam को पीएम मोदी ने किया फोन, पूछा- हिंदी में बात करूं या मराठी? जवाब में जो हुआ वो बना चर्चा का विषय

Ujjwal Nikam Biography in Hindi: देश के चर्चित आपराधिक मामलों में विशेष सरकारी वकील के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। उनके साथ तीन अन्य प्रमुख हस्तियों को भी उच्च सदन में स्थान दिया गया है। राज्यसभा सदस्य बनाए जाने पर उज्ज्वल निकम ने अपनी खुशी और गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें इसकी जानकारी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर दी।

प्रधानमंत्री ने पहले हल्के-फुल्के अंदाज़ में पूछा कि बातचीत हिंदी में करें या मराठी में, और फिर दोनों हँस पड़े। इसके बाद प्रधानमंत्री ने मराठी में बातचीत करते हुए उन्हें राष्ट्रपति के निर्णय की सूचना दी।

PM Modi called Ujjwal Nikam

उज्ज्वल निकम ने क्या कहा?

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, 'यह मेरे लिए गर्व और सम्मान का क्षण है। मैंने कभी नहीं सोचा था, न ही इसकी उम्मीद की थी कि देश की राष्ट्रपति मुझे राज्यसभा के सदस्य के रूप में नामित करेंगी। कल मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आया। उन्होंने मुझसे मजाक में पूछा कि हिंदी में बात करूं या मराठी में? हम दोनों हँस पड़े, फिर उन्होंने मराठी में बात करते हुए मुझे बताया कि राष्ट्रपति मुझे यह ज़िम्मेदारी देना चाहती हैं। यह मेरे जीवन का एक अविस्मरणीय पल है।'

Who is Ujjwal Nikam- कौन हैं उज्ज्वल निकम?

उज्ज्वल निकम भारत के शीर्ष और सबसे प्रतिष्ठित विशेष लोक अभियोजकों (स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर) में गिने जाते हैं। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध और हाई-प्रोफाइल हत्याकांडों से जुड़े अनेक जटिल मामलों में प्रभावशाली और सशक्त पैरवी कर देशभर में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है।

30 मार्च 1953 को महाराष्ट्र के जलगांव में जन्मे निकम ने अपने चार दशकों से अधिक लंबे कानूनी करियर में कई ऐतिहासिक मामलों में अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया। इनमें मुंबई 26/11 आतंकवादी हमले के दोषी अजमल कसाब को फांसी की सज़ा दिलाना उनकी सबसे उल्लेखनीय और चर्चित उपलब्धियों में से एक है। उनकी अद्वितीय सेवाओं और कानूनी योगदान को सम्मानित करते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2016 में उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से नवाज़ा।

प्रमुख मुक़दमे और उपलब्धियां

  • 26/11 मुंबई आतंकी हमला (2008): अजमल कसाब के खिलाफ मुकदमे में राज्य की ओर से बहस की और कसाब को मौत की सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई
  • 1993 बॉम्बे बम विस्फोट, गुलशन कुमार हत्या (1997), प्रमोद महाजन हत्या (2006), मुंबई गैंगरेप (2013), और कोपर्डी कांड (2016) जैसे हाई-प्रोफ़ाइल मामलों की पैरवी की
  • उन्होंने लगभग 628 आजीवन कारावास और 37 फांसी की सज़ा दिलाने में योगदान दिया

सम्मान और सुरक्षा

  • 2016 में उन्हें पद्म श्री सम्मान से नवाज़ा गया
  • 2009 के बाद से उन्हें Z+ सुरक्षा प्रदान की गई है, जो भारत में दूसरे उच्चतम सुरक्षा स्तरीय श्रेणी में आता है

राजनीति में पहली पारी में मिली हार

कानूनी क्षेत्र में दशकों तक प्रभावशाली भूमिका निभाने के बाद, उज्ज्वल निकम ने वर्ष 2024 के आम चुनावों के दौरान सक्रिय राजनीति में कदम रखा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें मुंबई उत्तर मध्य लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया। पार्टी की ओर से उन्हें मैदान में उतारने का निर्णय उनके प्रभावशाली जनप्रतिनिधित्व, कानूनी अनुभव और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों के चलते लिया गया था।

हालांकि, राजनीति में उनकी यह पहली पारी आसान नहीं रही। यह सीट परंपरागत रूप से एक हाई-प्रोफाइल और प्रतिस्पर्धात्मक निर्वाचन क्षेत्र रही है, जहां विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उन्हें विपक्षी दल के एक मजबूत उम्मीदवार से कड़ी टक्कर मिली, और अंततः वे इस चुनाव में पराजित हो गए।

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