पीएम का सवाल आपात काल में भारतीय रेल सही समय पर कैसे चलती थी
नई दिल्ली। ट्रेनों की लेट-लतीफी भारतीय रेल में यात्रा करने वालों की सबसे बड़ा सरदर्द है। ट्रेन की लेट-लतीफी पर इस बार प्रधानमंत्री ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। प्रधानमंत्री ने रेल विभाग से पूछा है कि ट्रेनें लेट क्यूं होती हैं। यही नहीं पीएमओ ने रेल विभाग को लिखे पत्र में कहा है कि आपातकाल में ट्रेनें सही समय पर चलती थी इसकी क्या वजह है।

पुरानी फाइलें टटोलने में लगा रेल मंत्रालय
पीएमओ के सवाल के बाद रेल मंत्रालय पुरानी फाइलों को टटोल रहा है और यह जानने की कोशिश कर रहा है कि आपात काल के समय क्या योजना अपनायी गयी थी। जिससे 90 फीसदी ट्रेनें अपने समय से चलती थी और कभी लेट नहीं होती थी।
आपातकाल में क्यों चलती थी ट्रेने समय से
पीएम ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु से सवाल किया है जिसके बाद से ट्रेनों की लेट-लतीफी की वजह को टटोला जा रहा है। पीएम मोदी ने यह भी पूछा था कि समय से चलने वालीं ट्रेनों की संख्या लगातार घट क्यों रही है। रेलवे के अधिकारियों को बताया गया कि पीएमओ को सांसदों, मंत्रियों और आम नागरिकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ट्रेनें समय पर नहीं चलती हैं। इन शिकायतों को रेल मंत्रालय को बढ़ा दिया जाता है। इनमें से कई ने सवाल किया है कि आपातकाल के सामय में ट्रेनें कैसे समय पर चला करती थीं।
सुरेश प्रभु खुद देख रहे हर ट्रेन का ब्योरा रोजाना
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर की मानें तो पीएमओ के सवाल के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ट्रेनों के बारे में हर दिन का ब्योरा ले रहे हैं। सूत्रों और रेल मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि रेल मंत्री ट्रेनों के बारे में रोजाना ब्योरा देख रहे हैं।
ट्रेनों के बारे में गलत आंकड़े बर्दाश्त नहीं
यही नहीं रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैफिक) अजय शुक्ला ने सभी जोनों को सख्त चेतावनी दी है कि ट्रेनों के बारे में किसी भी तरह का गलत आंकड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राप्त आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च 2014 में 84.43 फीसदी ट्रेनों पर पाबंदी दर्ज की गई थी, वहीं इस साल मार्च में 79 फीसदी है। वहीं उम्मीद जतायी जा रही है कि आने वाले समय में ट्रेनों की पाबंदी में काफी कमी आयेगी।
रेल के उपकरणों को नवीनीकरण की सख्त जरूरत
ट्रेनों के विलंब से चलने की मुख्य वजह रेल उपकरणों की खराबी को बताया गया है। साथ ही इंजीनियरिंग विभाग को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। विभाग ने ट्रेनों के विलंब के लिए रेल के उपकरणों के नवीनीकरण की बात कही है।












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