राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचे पीएम मोदी और अमित शाह, क्या कुछ बड़ा होने वाला है?
3 अगस्त (रविवार) को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात की। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रपति से मुलाकात करने के लिए पहुंचे थे। प्रधानमंत्री की हालिया यूनाइटेड किंगडम और मालदीव यात्राओं के बाद राष्ट्रपति से यह उनकी पहली औपचारिक मुलाकात थी। इसी क्रम में, शनिवार शाम को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी राष्ट्रपति मुर्मू से भेंट की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अलग-अलग मुलाकात की। इन उच्चस्तरीय मुलाकातों ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। ये मुलाकातें संसद के मानसून सत्र के फिर से शुरू होने से ठीक एक दिन पहले हुईं। मोदी और शाह की राष्ट्रपति से इन मुलाकातों ने अटकलों को जन्म दिया, क्योंकि इनके पीछे का मकसद स्पष्ट नहीं किया गया।

इन मुलाकातों का समय ऐसे में महत्वपूर्ण है, जब कांग्रेस के नेतृत्व वाला 'इंडिया' गठबंधन बिहार में चल रहे मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर लगातार विरोध दर्ज करा रहा है। वहीं उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसके अलावा खास बात है ये है कि 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाने की छठी वर्षगांठ है। इसी दिन 2020 में अयोध्या राम मंदिर का भूमि पूजन भी हुआ था।
उपराष्ट्रपति चुनाव
बता दें चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान की तारीख 9 सितंबर घोषित की है। ध्यान रहे कि यह पद जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति का पद खाली है। उन्होंने 21 जुलाई, 2025 को स्वास्थ्य कारणों से अपने पद से इस्तीफा दिया, जो मानसून सत्र के पहले दिन की समाप्ति के बाद राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपा गया था।
बिहार वोटर लिस्ट स्पेशल रिवीजन का मुद्दा
दूसरी ओर, बिहार में चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर विवाद गहरा गया है। विपक्ष इस पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार की अनिच्छा से संसद का कामकाज प्रभावित है।
भारत पर 25% निर्यात टैरिफ
इसके अलावा, यह घटनाएं अमेरिका द्वारा भारत पर 25% निर्यात शुल्क लगाए जाने की घोषणा के कुछ ही दिन बाद हुई हैं। अमेरिका ने भारत पर 25% शुल्क लगाने और रूस से सैन्य साजो-सामान तथा कच्चा तेल खरीदने के कारण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इन सभी घटनाओं ने राजनीतिक माहौल को और भी अधिक संवेदनशील बना दिया है।
इस बीच, सोमवार को संसद की कार्यवाही हंगामेदार रहने की उम्मीद है। विपक्ष बिहार के विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा की अपनी मांग पर अड़ा हुआ है। विपक्ष के एसआईआर विरोधी प्रदर्शनों के कारण अब तक संसद में कोई कामकाज नहीं हो पाया है, सिवाय पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर दो दिवसीय चर्चा को छोड़कर।
सरकार एसआईआर पर चर्चा की मांग मानने को तैयार नहीं है। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू का तर्क है कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक रूप से स्वायत्त निकाय है और किसी मंत्री को चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र वाले विषय पर जवाब देने का अधिकार नहीं है। इस गतिरोध के जारी रहने की आशंका के चलते लोकसभा और राज्यसभा में कामकाज बाधित होने की आशंका है।












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