लाल किले से पीएम मोदी ने नेहरू का भी लिया नाम, जानिए उनके बारे में क्या कहा ?
नई दिल्ली, 15 अगस्त: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर आज के 83 मिनट लंबे भाषण में कई शब्दों का बार-बार प्रयोग किया। उन्होंने किन शब्दों पर जोर दिया, उसका पूरा ब्योरा हम आपको दे रहे हैं कि पीएम मोदी का फोकस किस बात पर रहा। साथ ही यह भी बताएंगे कि उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का भी जो एक बार नाम लिया है, वह किस सिलसिले में लिया और उनके बारे में उन्होंने क्या कहा। बहरहाल हर बार की तरह पीएम मोदी इस बार भी साफा बांधकर लालकिले की प्राचीर से झंडा पहराने पहुंचे थे। आजादी का अमृत महोत्सव के चलते इसबार उनके साफे का रंग तिरंगा था।

अमृत काल/अमृत महोत्सव का सबसे ज्यादा इस्तेमाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने भाषण में अमृत काल, संकल्प और 75 वर्ष जैसे शब्दों का बार-बार इस्तेमाल किया है। उन्होंने भारत, भाई-भतीजावाद जैसे शब्दों का भी कई बार प्रयोग किया है। उनका भाषण एक घंटा 23 मिनट तक चला। उन्होंने सबसे ज्यादा अमृत काल और अमृत महोत्सव जैसे शब्दों का 32 बार इस्तेमाल किया है। इसके बाद उनकी जुबान से सबसे अधिक बार प्रयोग किया जाने वाला शब्द था वह भारत है-31 बार। इसके बाद उन्होंने 26 बार संकल्प शब्द दोहराया है। इसी तरह सपना और 75 वर्ष जैसे शब्द उन्होंने 24 बार कहे हैं। 23 बार विश्व का भी जिक्र किया है और 17 बार भ्रष्टचार/भाई-भतीजावाद का नाम लिया है। 17 बार ही उनके जुबान से आजादी शब्द भी निकले हैं।
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पीएम मोदी के भाषण में ये शब्द भी प्रमुखता से छाए रहे
पीएम मोदी के आज के भाषणा में महिला सम्मान का विषय बहुत ही प्रभावी ढंग से छाया रहा। उन्होंने महिला और गर्व जैसे शब्दों को 16-16 बार अपने भाषण में शामिल किया। वहीं 130 करोड़ और नागरिक/कर्तव्य जैसे शब्द 15 बार कहे हैं। पंच प्रण, विकास और आत्म निर्भर-13, महापुरुष-12, लाल किला, 25 साल, गुलामी और विरासत-11, योजना, लोकतंत्र और शक्ति-6, महात्मा गांधी, इनोवेशन, खेल, राजनीति और समर्थन-5, टेक्नोलॉजी, दर्द, गरीबी, भाषा, संघर्ष, स्वदेशी, संघ, समग्र जीवन शैली,पर्यावरण, दशक, फर्टिलाइजर का 4-4 बार प्रयोग किया है। उनके भाषण में 3-3 बार लैंगिक समानता, राजनीतिक स्थिरता, उम्मीद, बदलाव, पुलिस और गुजरात के भी नाम लिए गए हैं। इसके अलावा जनजाति, संविधान, इंडिया फर्स्ट, रोजगार, 5जी, ऊर्जा, इकोनॉमी, छोटे उद्यम और टीम इंडिया का दो-दो बार जिक्र हुआ है।

नेहरू के बारे में पीएम मोदी क्या बोले ?
इसके साथ ही पीएम मोदी ने अपने भाषण में अटल बिहारी वाजपेयी, अंबेडकर, सावरकर समेत नेहरू का भी एक-एक बार नाम लिया है। उन्होंने कहा, "आजादी का जंग भी लड़ने वाले और आजादी के बाद देश बनाने वाले डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद जी हों, नेहरू जी हों, सरदार वल्लभ भाई पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, लाल बहादुर शास्त्री, दीनदयाल उपाध्याय, जय प्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया, आचार्य विनाबा भावे, नाना जी देशमुख, सुब्रह्मण्यम भारती, अनगिनत ऐसे महापुरुषों को आज नमन करने का अवसर है.........।" वो बोले- "आज हम सब देशवासियों के लिए ऐसे हर महापुरुष को, हर त्यागी को...... हर बलिदानी को नमन करने का अवसर है.......। उनका ऋण स्वीकार करने का अवसर है........और उनका स्मरण करते हुए उनके सपनों को जल्द से जल्द पूरा करने का संकल्प लेने का भी अवसर है.............। हम सभी देशवासी कृतज्ञ हैं, पूज्य बापू के, नेता जी सुभाष चंद्र बोस के........... बाबा साहेब अम्बेडकर के....... वीर सावरकर के; जिन्होंने कर्तव्य पथ पर अपने जीवन को खपा दिया। कर्तव्य पथ ही उनका जीवन पथ रहा.......।"

नारी के अपमान पर झलका पीएम मोदी का दर्द
पीएम मोदी ने आज के भाषण में नारी के लिए अक्सर बोलचाल की भाषा में इस्तेमाल होने वाले अपमानजनक शब्दों को लेकर दुख जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि यह लाल किले से कहने लायक विषय नहीं है। लेकिन, उनके सामने देशवासियों पर इसको लेकर अपनी बात रखने का यही मौका लग रहा है। पीएम मोदी बोले, "किसी न किसी कारण से हमारे अंदर एक ऐसी विकृति आ गई है कि हमारी बोलचाल में........ हमारे व्यवहार में, हमारे कुछ शब्दों में हम नारी का अपमान करते हैं........ क्या हम स्वभाव से, संस्कार से, रोजमर्रा की जिंदगी में नारी को अपमानित करने वाली हर बात से मुक्ति का संकल्प ले सकते हैं....... नारी का गौरव राष्ट्र के सपने पूरे करने में बहुत बड़ी पूंजी बनने वाला है.....।"

भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई और सख्त होने का संकेत
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी के आज के भाषण में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के खिलाफ कड़े तेवर भी देखने को मिले हैं। उन्होंने जिस तरह से इन मुद्दों को उठाया है, उससे लगता है कि आने वाले दिनों में उनकी सरकार का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और सख्त हो सकता है। उनके शब्दों में, "भ्रष्टाचार दीमक की तरह देश को खोखला कर रहा है। मुझे इसके खिलाफ लड़ाई लड़नी है, लड़ाई को तेज करना है, निर्णायक मोड़ पर इसे लेकर के जाना है..... मेरे 130 करोड़ देशवासी, आप मुझे आर्शीवाद दीजिए.... आप मेरा साथ दीजिए। मैं आज आप से साथ मांगने आया हूं...... आपका सहयोग मांगने आया हूं ताकि मैं इस लड़ाई को लड़ पाऊं.....।" इसी तरह से उन्होंने भाई-भतीजावाद और परिवारवाद के खिलाफ भी मोर्चा खोला है। उन्होंने कहा "मेरे देश के नौजवानों मैं आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए, आपके सपनों के लिए मैं भाई-भतीजावाद के खिलाफ लड़ाई में आपका साथ चाहता हूं। परिवारवादी राजनीति के खिलाफ लड़ाई में मैं आपका साथ चाहता हूं; यह संवैधानिक जिम्मेदारी मानता हूं मैं। यह लोकतंत्र की जिम्मेदारी मानता हूं मैं। यह लालकिले के प्राचीर से कही गई बात की ताकत मैं मानता हूं।"












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