OI Exclusive: क्या राजनीतिक पार्टी बनेगी CJP? अभिजीत दीपके ने दिया सीधा जवाब, किसानों पर कही बड़ी बात
OI Exclusive Abhijeet Dipke Interview: देशभर में पेपर लीक, परीक्षाओं के रद्द होने और छात्रों की आत्महत्या के मामलों को लेकर चर्चा लगातार तेज हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर Cockroach Janta Party (CJP) दिल्ली के जंतर मंतर पर बीते 9 दिनों से प्रोटेस्ट कर रही है। इसी बीच Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने Oneindia Hindi को दिए एक खास इंटरव्यू में केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठाए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक छात्रों की परेशानियां खत्म नहीं होंगी।
दीपके ने दावा किया कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। बातचीत के दौरान उन्होंने अपने आंदोलन की दिशा, किसानों के मुद्दे, सोनम वांगचुक के समर्थन, लद्दाख, राजनीतिक आरोपों और राष्ट्रीय मीडिया की भूमिका पर भी विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान छात्रों के मुद्दे पर है और इसी को लेकर उनका आंदोलन आगे बढ़ेगा।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर क्या बोले?
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और अनशन को लेकर जब उनसे पूछा गया कि अगर सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती है तो आगे क्या करेंगे, इस पर अभिजीत दीपके ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान किस चीज़ में इंटरेस्टेड हैं? पेपर लीक करने में? बच्चों की सुसाइड करवाने में? इस चीज़ में इंटरेस्टेड हैं? अरे, शर्म आनी चाहिए थोड़ी। ऐसा एक पेपर नहीं है जो लीक नहीं हो रहा है। ऐसा एक एग्जाम नहीं है जो कैंसिल नहीं हो रही है। बच्चे सुसाइड पर सुसाइड किए जा रहे हैं और सरकार ये कह रही है कि इस्तीफा नहीं देंगे। शर्म आनी चाहिए इन लोगों को।"
ये भी पढ़ें: 'पता नहीं कितने मर्दों के साथ सोया', CJP स्टार कैंपेनर उज्ज्वल का वीडियो वायरल, बयां किया अपनों का कड़वा सच!
राजनाथ सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह इस्तीफे वाली सरकार नहीं है, अभिजीत दीपके ने कहा, "जब इस्तीफे वाली सरकार नहीं है, तभी तो इतने लोग आत्महत्या कर रहे हैं। अगर इस्तीफे हो जाते, आत्महत्या रुक जाती। चीज़ें ठीक हो जातीं। इस्तीफे नहीं हो रहे, इसलिए चीज़ें ठीक नहीं हो रहीं और खराब हो रही हैं।"
क्या CJP राजनीतिक पार्टी बनाएगी?
जब उनसे पूछा गया कि देशभर में CJP का आंदोलन तेजी से फैल रहा है और क्या आगे चलकर इसे राजनीतिक पार्टी बनाया जाएगा, तो उन्होंने कहा, "अगर इस देश में हर समस्या के ऊपर पॉलिटिकल पार्टी बनने लग जाएं तो कैसे चलेगा? कल को अगर किसी के घर पानी नहीं आ रहा है तो वो पॉलिटिकल पार्टी बना ले? कल को किसी के घर बिजली नहीं आ रही तो वो पॉलिटिकल पार्टी बना ले? मतलब अगर हम अपनी नीड्स, जो गवर्नमेंट का काम है, वो उनसे करवाने के लिए हमें पॉलिटिकल पार्टी बनानी पड़ जाए, तो गवर्नमेंट का क्या काम रहा फिर?"
किसानों के मुद्दे पर क्या बोले?
महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या के मुद्दे पर सवाल पूछे जाने पर दीपके ने कहा, "सर, एक महीने पहले ही शुरू हुआ है पार्टी (CJP)। एक महीने पहले मूवमेंट शुरू हुआ है। मैं USA में बैठा हुआ था। मुझे इंडिया आए 15 दिन हुए हैं। 15 दिन के अंदर हमारा आंदोलन इतना बड़ा हो गया है और आप पूछ रहे हैं कि हमने किसान के लिए आंदोलन किया या नहीं।"
इसके बाद जब उनसे कहा गया कि किसान भी उन्हें समर्थन दे रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, "किसान लोगों पर हमने बोला ना। मैं जब खुद इंडिया में था, अमेरिका जाने से पहले, मैं खुद सिंघु बॉर्डर पर बैठा हुआ था। मुंबई में आपको याद होगा किसान लॉन्ग मार्च निकला था, मुझे लगता है 2019 या 2018 की बात है। तब मैं खुद मुंबई के आजाद मैदान में किसानों के साथ था। मैं मराठवाड़ा से आता हूं, जहां सबसे ज्यादा किसान आत्महत्या करते हैं। यहां सूखा सबसे ज्यादा है। तो आप जो ये नंबर बता रहे हो ना, वो भी अंडरएस्टीमेटेड है।"
जब रिपोर्टर ने कहा कि ये सरकारी आंकड़े हैं, तो दीपके ने कहा, "ऐसा नहीं है कि हमें इन सब चीज़ों की अवेयरनेस नहीं है। हमें अवेयरनेस है, लेकिन हमने अभी एक मुद्दा लिया है। पहले हम इस मुद्दे पर टिके रहेंगे, उसके बाद हम दूसरे मुद्दों पर भी जाएंगे।"
सोनम वांगचुक और लद्दाख पर क्या कहा?
सोनम वांगचुक और लद्दाख के मुद्दे पर अभिजीत दीपके ने कहा, "बिल्कुल, बिल्कुल। सोनम सर और हमारी एक साथ लड़ाई है। लद्दाख का जो भी हक मारा गया है, तो सोनम सर उसके लिए भी यहां पर हैं और हम बिल्कुल उनका सपोर्ट करते हैं।"
लेफ्ट-राइट की बहस पर जवाब
अपने ऊपर लेफ्ट झुकाव के आरोपों पर उन्होंने कहा, "मुझे लगता है अब वो टाइम आ गया है जब लेफ्ट, राइट, सेंटर छोड़ देना चाहिए। बच्चों ने सुसाइड किया है और हम क्या डिस्कस कर रहे हैं? यहां लेफ्ट है, यहां राइट है, यहां सेंटर है। उससे क्या होने वाला है? सभी लोग, जितनी भी पॉलिटिकल पार्टीज हैं, जितनी भी आइडियोलॉजी के लोग हैं, सब 2 मिनट के लिए ये सब साइड में छोड़ दें और जिन बच्चों ने सुसाइड किया है, एक बार उनके बारे में सोचें।"
राष्ट्रीय मीडिया पर क्या बोले?
राष्ट्रीय मीडिया को लेकर पूछे गए सवाल पर दीपके ने कहा, "सिम्पथी है, क्योंकि उनकी भी मजबूरी है। उनको भी सोचना चाहिए। उनके भी बच्चे एग्जाम देते होंगे। उनके बच्चों को भी परेशानी होती होगी। तो एक पार्टी की मीडिया ना बनकर रहें, देश की जनता की मीडिया बनें। देश की जनता की आवाज़ बनें, एक पार्टी की आवाज़ ना बनें।"
ये भी पढ़ें: कौन है CJP का वायरल चेहरा उज्ज्वल सिंह, जो भारत छोड़ विदेश में बसना चाहता है, सोशल मीडिया पर हो रही फजीहत!
मदद बस एक कॉल दूर
पहचान पूर्णतः गोपनीय , पेशेवर परामर्श सेवा
iCALL मेंटल हेल्पलाइन नंबर: 9152987821
सोम - शनि: सुबह 10 बजे - शाम 8 बजे












Click it and Unblock the Notifications