PM Kisan: Farmer ID के बिना नहीं मिलेगी PM किसान की 22वीं किस्त, कैसे करना होगा अप्लाई?
PM Kisan Farmer ID: भारत सरकार की एग्री स्टेक परियोजना के तहत बिहार के कई जिलों में किसानों की फार्मर आईडी (Farmer ID) बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। इस योजना के तहत जिले के करीब 2 लाख 78 हजार किसानों को डिजिटल पहचान दी जाएगी। सरकार का मकसद है कि हर वास्तविक किसान की जमीन, फसल और खेती से जुड़ी पूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो, ताकि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे।
क्या है फार्मर आईडी (What is Farmer ID)
फार्मर आईडी किसानों के लिए एक डिजिटल पहचान होगी। इसमें किसान की जमीन का रकबा, कौन सी फसल उगाई जा रही है, उसमें कितना खाद और उर्वरक इस्तेमाल हो रहा है, जैसी जानकारियां ऑनलाइन दर्ज रहेंगी। इससे सरकार को यह साफ पता चलेगा कि कौन किसान वास्तव में खेती कर रहा है और किसे योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।

दो चरणों में हो रहा पंजीकरण
फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया दो स्टेप में पूरी की जा रही है। पहले चरण में उन किसानों को चुना गया है, जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं। दूसरे चरण में इन पंजीकृत किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा रही है। सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि गांव स्तर पर शिविर लगाकर यह काम पूरा किया जाए।
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गांव-गांव लगेगा शिविर
केंद्र सरकार के निर्देश पर पंचायत और राजस्व गांव स्तर पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में किसानों का डेटा ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। बिहार भूमि के डेटाबेस को भी इससे जोड़ा जा रहा है, ताकि जमीन से जुड़ी जानकारी सही तरीके से अपडेट हो सके।
किसानों को क्या फायदे होंगे
कृषि विभाग के अनुसार फार्मर आईडी बनने से किसानों को कई बड़े फायदे मिलेंगे।
- सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ आसानी से मिलेगा
- फसल बिक्री और आय का रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा
- फसल बीमा में गड़बड़ी रुकेगी
- किसानों की समस्याओं का समाधान तेजी से होगा
- खाद और बीज सही मात्रा में मिल सकेगा
कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी
फार्मर आईडी बनवाने के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज देने होंगे।
- जमीन से जुड़ा विवरण
- आधार कार्ड
- मोबाइल नंबर
शिविर में किसान सलाहकार, पंचायत सेवक, कृषि समन्वयक, सहायक तकनीकी प्रबंधक और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे। फार्मर रजिस्ट्री का काम भारत सरकार द्वारा दिए गए मोबाइल एप के जरिए किया जा रहा है।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
कृषि विभाग ने साफ किया है कि फार्मर आईडी बनाने में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कार्रवाई होगी। जिन पंचायतों में लक्ष्य के अनुसार काम नहीं होगा, वहां नियम के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे।
फार्मर आईडी नहीं तो पीएम किसान भी नहीं
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनेगी, उन्हें आगे चलकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा। इससे फर्जी किसानों की पहचान होगी और गलत तरीके से अनुदान लेने वालों पर रोक लगेगी।
फर्जीवाड़े पर लगेगा ब्रेक
फार्मर आईडी लागू होने से फर्जी तरीके से किसान पंजीकरण कराने वालों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाएगा। ऐसे लोग किसी भी कृषि योजना या अनुदान के पात्र नहीं होंगे। राजस्व गांवों में वास्तविक रकबे से ज्यादा खेती दिखाकर सब्सिडी लेने का खेल भी बंद होगा।
PM Kisan में क्यों जरूरी है Farmer ID
PM Kisan योजना के तहत किसानों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है। सरकार चाहती है कि यह पैसा सही किसान तक पहुंचे। इसलिए अब PM Kisan के डेटा को Farmer ID से जोड़ा जा रहा है।
कैसे जुड़ेगा PM Kisan और Farmer ID
- पहले PM Kisan में रजिस्टर्ड किसान का चयन किया जा रहा है
- उसी किसान की Farmer ID बनाई जा रही है
- जमीन और खेती की जानकारी को ऑनलाइन जांचा जा रहा है
- सही जानकारी होने पर ही आगे की किस्त जारी होगी
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