PM Internship Scheme: पीएम इंटर्नशिप योजना की सच्चाई, 90% युवाओं ने ज्वाइन नहीं किया, क्या बताया कारण?
PM Internship Scheme: प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम (PMIS) की घोषणा 2024-25 के बजट में की गई थी, इसका लक्ष्य पांच सालों में लगभग एक करोड़ युवाओं को भारत की शीर्ष 500 कंपनियों में इंटर्नशिप देना और उन्हें जॉब मार्केट के लिए तैयार करना था।
क्या सफल रहा इंटर्नशिप का पहला फेज?
इंटर्नशिप स्कीम का पहला फेज अक्टूबर 2024 में शुरू किया गया था, जिसके तहत 1.25 लाख इंटर्नशिप निकाली गई थीं। इसका दूसरा फेज भी शुरू हो गया, जिसमें 1 लाख मौके निकले हैं। हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि इंटर्नशिप का मौका देने के बाद भी युवाओं ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई है। अब तक केवल 6% युवाओं ने ही काम शुरू किया है।

90% युवाओं ने ज्वाइन ही नहीं किया?
सरकार द्वारा लोकसभा में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों से यह जानकारी पाई गई कि, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) के पहले राउंड में 280 कंपनियों ने 1.25 लाख से ज्यादा इंटर्नशिप निकाली थीं। इनके लिए देशभर से 1.81 लाख युवाओं ने 6.21 लाख आवेदन किए। इन कंपनियों ने 82 हजार से ज्यादा ऑफर निकाले, जिसके लिए 60 हजार युवाओं को चुना गया था। हालांकि, इनमें से 28 हजार युवाओं ने ही ऑफर एक्सेप्ट किया लेकिन फिर सिर्फ 8,700 ने ही इंटर्नशिप शुरू की। यानी 90% से अधिक युवाओं ने इंटर्नशिप जॉइन की ही नहीं हैं।
क्या कहता है आंकड़ा?
इसके बाद इस साल 9 जनवरी को (PMIS) का दूसरा राउंड शुरू हुआ। इसमें 327 कंपनियों ने 1.18 लाख इंटर्नशिप निकाली थीं। इसके लिए 2.14 लाख युवाओं ने 4.55 लाख आवेदन भरे। 15 जुलाई तक इन कंपनियों ने 71 हजार से ज्यादा ऑफर दिए। अभी यह प्रक्रिया में है, इसलिए कितने युवाओं ने इंटर्नशिप शुरू की, इसका आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
जानिए अब तक क्या है स्टेटस?
21 जुलाई को दिए जवाब में सरकार ने बताया कि अभी देशभर की 237 कंपनियों में 9,453 युवा इंटर्नशिप कर रहे हैं। इस स्कीम के तहत इंटर्नशिप करने वालों में असम के युवा सबसे आगे हैं। असम के 1,408, उत्तर प्रदेश के 1,067, मध्य प्रदेश के 680, बिहार के 634 और ओडिशा के 520 युवा इंटर्नशिप कर रहे हैं। जिन उम्मीदवारों ने प्रस्ताव स्वीकार किए हैं, उनमें से 8,700 या लगभग 6% अब तक अपनी-अपनी कंपनियों में इंटर्न के रूप में काम कर रहें हैं।
क्या है युवाओं की नाराजगी की वजह?
CNBC की रिपोर्ट के मुताबिक, कई कंपनियों ने आंकलन किया है, जिसमें माना है कि घर से दूर लोकेशन होने और 12 महीने की टाइमिंग के कारण युवा इससे दूर जा रहे हैं। इतना ही नहीं, इस स्कीम में केवल 21 से 24 साल की उम्र के युवा ही आवेदन कर सकते हैं। वह भी ऐसे युवा जो न तो पढ़ाई कर रहे हों और न ही कहीं फुलटाइम जॉब करते हों। इसके अलावा IIT, IIM, NLU जैसे संस्थानों से पढ़ाई करने वाले युवा इस स्कीम के दायरे में नहीं आते हैं।
अगर कोई युवा बेरोजगार है और कहीं पढ़ाई भी नहीं कर रहा है लेकिन उसके पास कोई प्रोफेशनल डिग्री है तो वह भी इंटर्नशिप के लिए आवेदन नहीं कर सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सारी पाबंदियां ही युवाओं को इस इंटर्नशिप से दूर कर रही हैं।
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