Planetary Conjunction:आज से मंगल-शुक्र और चंद्रमा का होगा अद्भुत संगम, ऐसे देख सकेंगे आप
बेंगलुरु, 12 जुलाई: आज से आसमान में एक अद्भुत खगोलीय घटना दिखाई पड़ेगी। होगा ये कि मंगल, शुक्र के साथ-साथ चंद्रमा भी एक ही सीध में दिखाई पड़ेंगे। ऐसी घटनाएं दुर्लभ होती हैं और अच्छी बात ये है कि अगर आसमान में बादल नहीं रहे तो इसे पूरे भारत में आप कहीं से भी देख सकेंगे। ज्योतिषियों के मुताबिक भी मंगल और शुक्र के इतने नजदीक आना मनुष्य के जीवन और उनके शरीर पर कई तरह से असर डालते हैं। आइए जानते हैं कि क्या है यह खगोलीय घटना और हम-आप इसके नजारे का लुत्फ कैसे उठा सकते हैं।

मंगल-शुक्र और चंद्रमा का अद्भुत संगम
कुछ महीने पहले ही दुनिया ने एक अनोखी खगोलीय घटना देखी थी, जब बृहस्पति और शनि एक सीध में आए थे। ऐसी ही एक और अद्भुत खगोलीय घटना मंगलवार और बुधवार को आसमान में दिखाई पड़ेगी, जब मंगल और शुक्र एक साथ नजर आएंगे। लेकिन, इतना ही नहीं, ये दोनों ग्रह आज चंद्रमा की भी सीध में आ जाएंगे और सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में इसे कहीं से भी देखा जा सकेगा। ये तीनों ग्रह सिर्फ 0.5 डिग्री के ही अंतर से दूर रहेंगे; और मंगलवार को दोनों ग्रह चंद्रमा के अर्धचंद्राकार के 4 डिग्री के दायरे में रहेंगे।
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0.5 डिग्री पर होंगे मंगल और शुक्र
यह अद्वितीय खगोलीय घटना महज एक ऐसे संयोग का हिस्सा है, जब दो या दो से ज्यादा ग्रह आसमान में एक-दूसरे के बहुत ही करीब दिखाई पड़ते हैं, लेकिन वास्तव में ब्रह्मांड की विशालता के मद्देनजर देखें तो ये लाखों किलोमीटर दूर होते हैं। बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऐस्ट्रोफिजिक्स ने कहा है कि 'मंगल और शुक्र आकाश में एक-दूसरे के करीब से गुजर रहे हैं और 13 जुलाई को सिर्फ 0.5 डिग्री (चंद्रमा के आकार जितना चौड़ा) पर होंगे। 12 जुलाई को चंद्रमा भी उनके करीब होगा'

खुली आंखों से देखा जा सकेगा ये खगोलीय नजारा
अच्छी बात ये है कि इस आकाशीय घटना को हम खुली आंखों से भी देख सकेंगे। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऐस्ट्रोफिजिक्स की ओर से जारी बयान के मुताबिक 'यह एक नंगी आंखों देखी जाने वाली घटना है, इसलिए घर से बाहर निकलें और आज से हर शाम उन्हें देखें। ' मंगलवार के बाद मंगल और शुक्र दोनों अपनी-अपनी खास कक्षाओं में एक-दूसरे से दूर चले जाएंगे। भारत में अगर आसमान साफ रहा तो इस खगोलीय घटना को सूर्यास्त के बाद कहीं से भी देखा जा सकेगा और इसको लेकर खगोलशास्त्रियों और ज्योतिषियों में भी बहुत ज्यादा दिलचस्पी है।

मानव जीवन पर पड़ेगा क्या असर
ज्योतिष विज्ञान में मंगल को अग्नि और तेज का प्रतीक माना जाता है, जबकि शुक्र प्रेम, वासना और काम के साथ-साथ सौंदर्य की शक्ति है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक इन खगोलीय घटना का मानव शरीर और उसके जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। कहा जाता है कि इन दोनों ग्रहों के संगम से शरीर में इन भावनाओं का प्रभाव बढ़ जाता है।

पहले बृहस्पति और शनि आ चुके हैं नजदकी
इससे पहले दिसंबर 2020 में इसी तरह की घटना तब देखी गई थी जब बृहस्पति और शनि एक-दूसरे इतने करीब प्रतीत हो रहे थे कि आकाश में एक-दूसरे मिले हुए नजर आ रहे थे। इससे पहले 17वीं शताब्दी में गैलीलियो के वक्त में भी ऐसा ही नजारा देखे जाने की बात कही जाती है। बृहस्पति और शनि एक सीध में तब होते हैं, जब उनका आकाशीय देशांतर एक ही होता है। इसे महान संयोजन कहा जाता है, क्योंकि इन दोनों ग्रहों के बीच यह संगम बहुत ही दुर्लभ है। यह घटना पूरी दुनिया में देखी गई थी।












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