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Air India फ्लाइट AI-171 के ब्लैक बॉक्स का दिल्ली में शुरू 'पोस्टमार्टम'! अब मिलेगा 260 की मौतों का कसूरवार

Plane Crash Air India Flight Update: एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के अहमदाबाद में हुए भीषण हादसे को 14 दिन बीत चुके हैं। इस दुर्घटना में 260 लोगों की जान गई। अब तक 259 शवों की DNA टेस्ट के जरिए पहचान हो चुकी है, और अभी एक शव की पहचान नहीं हो सकी है। इसी बीच खबर आई कि गुरुवार यानी 26 जून को सरकार ने बताया कि विमान के ब्लैक बॉक्स को दिल्ली लाया गया है।

अब घटना के कसूरवार को तलाशने के लिए बॉक्स का पोस्टर्माटम यानी विश्लेषण शुरू हो चुका है। यह विश्लेषण हादसे के कारणों को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ब्लैक बॉक्स का एनालिसिस शुरू, क्या-क्या हुआ अब तक? आइए जानते हैं...

Air India AI-171

ब्लैक बॉक्स का एनालिसिस बताएगा कसूरवार?

12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन-गैटविक के लिए उड़ान भरने के 36 सेकंड बाद बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल ब्लॉक में जा गिरा, जिससे भयंकर विस्फोट और आग लग गई। इस हादसे में केवल एक यात्री, ब्रिटिश नागरिक विश्वासकुमार रमेश, जीवित बचे।

विमान के दो एन्हांस्ड एयरबोर्न फ्लाइट रिकॉर्डर्स (EAFR), जिनमें कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) शामिल हैं, को 13 और 16 जून को दुर्घटना स्थल से बरामद किया गया। ये उपकरण 24 जून को भारतीय वायुसेना के विमान के जरिए दिल्ली स्थित विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रयोगशाला में लाए गए।

सरकारी बयान के अनुसार, 24 जून की शाम को AAIB और यूएस नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) के एक्सपर्ट्स की संयुक्त टीम ने डेटा निष्कर्षण शुरू किया। फ्रंट ब्लैक बॉक्स से क्रैश प्रोटेक्शन मॉड्यूल (CPM) को सुरक्षित निकाला गया, और 25 जून को मेमोरी मॉड्यूल से डेटा सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया। CVR और FDR डेटा का विश्लेषण अभी जारी है, जो हादसे के कारणों, जैसे इंजन फेल्योर, फ्यूल कंटैमिनेशन या मानवीय त्रुटि, को समझने में मदद करेगा।

क्या है जांच की प्रक्रिया?

AAIB के नेतृत्व में एक बहु-विषयक जांच टीम बनाई गई है, जिसमें NTSB, बोइंग, जीई इंजन निर्माता, और भारतीय नियामक के विशेषज्ञ शामिल हैं। यह जांच अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के नियमों और भारत के विमान (दुर्घटना और घटना जांच) नियम, 2017 के अनुसार हो रही है। सरकार ने कहा कि डेटा विश्लेषण का उद्देश्य हादसे की घटनाओं का अनुक्रम स्थापित करना और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कारकों की पहचान करना है।

DNA टेस्ट और शवों की पहचान

हादसे में मारे गए लोगों की पहचान के लिए DNA टेस्टिंग एक जटिल प्रक्रिया रही, क्योंकि 1,500 डिग्री सेल्सियस की आग ने कई शवों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि 259 शवों की पहचान हो चुकी है, जिनमें से 256 शव परिजनों को सौंपे गए। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपानी की पहचान भी DNA टेस्ट से हुई। एक शव की पहचान अभी बाकी है।

कब और कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?

फ्लाइट AI-171, जिसे कैप्टन सुमीत सभरवाल और को-पायलट क्लाइव कुंदर उड़ा रहे थे, ने 12 जून को दोपहर 1:39 बजे उड़ान भरी। 650 फीट की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद विमान तेजी से नीचे गिरा और मेघनी नगर के रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पायलट ने टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद 'मेडे, मेडे' का डिस्ट्रेस कॉल भेजा, जिसमें बिजली और थ्रस्ट की कमी का जिक्र था। इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया।

प्रारंभिक जांच में पाया गया कि विमान के रैम एयर टरबाइन (RAT) ने काम शुरू कर दिया था, जो डबल इंजन फेल्योर या हाइड्रोलिक सिस्टम की विफलता की स्थिति में स्वचालित रूप से सक्रिय होता है।

ये भी पढ़ें- Air India Plane Crash: सभी के मैच हो गए DNA, लेकिन एक ऐसा शव जिसकी नहीं हो पाई पहचान, क्यों हो रही है देरी?

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