पीयूष गोयल ने बताया किन फैसलों को लागू कर रेलवे में नहीं होंगी दुर्घटनाएं
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे में सुरक्षा केंद्र सरकार के लिए बड़ा मुद्दा है। इसके लिए हमने सुरक्षा को प्राथमिकता सूची में नंबर 1 पर रखा है। कार्यभार संभालने के 1 हफ्ते के भीतर मैंने सुरक्षा से जुड़ी कई समीक्षाएं की जिससे यह समझा जा सके कि आने वाले समय में क्या कदम उठाए जा सकते हैं। यह बातें रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने कही। उन्होंने सोशल मीडिया साइट कोरा पर एक पोस्ट की है। गोयल ने लिखा है समीक्षा के परिणाम स्वरूप कई तरह के तत्काल उपायों को आगे बढ़ाया गए जो मानवरहित स्तर क्रॉसिंग और डरेलमेंट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने के लिए जरूरी हैं। गोयल ने लिखा है कि रेलवे के लिए ट्रैक की सुरक्षा प्राथमिकता सूची में पहले पायदान पर है। गोयल के अनुसार 2016-17 में कुल दुर्घटनाओं का 34% मानव रहित स्तर क्रॉसिंग के कारण हुआ।

उन्होंने लिखा है कि "स्पीड, स्किल एंड स्केल" के परिवर्तनकारी मंत्र का उपयोग करके इसे 2019 से पहले खत्म करने का लक्ष्य तय किया गया है। गोयल ने लिखा है कि ट्रैक बदलना या नए ट्रैक का निर्माण हमारी प्राथमिकता में है। मंत्रालय नई लाइनों, गेज रूपांतरण और दोहरीकरण के लिए रेल की कमी को पूरा करने के लिए खुले बाजार से सात लाख टन की रेल की खरीद करेगा।
अन्य मुद्दों के साथ-साथ ट्रैक में कमी के कारण, भारतीय रेलवे के विकास में बाधा है और जिसके साथ कई बार गाड़ियां डिरेल हो रही हैं। गोयल के मुताबिक डिरेलमेंट्स में में इंजीनियरिंग की गलतियों, गाड़ी / वैगन के दोष और कर्मचारियों की गलतियां भी शामिल हैं। इसलिए ट्रैक बदलना या उसके नवीनीकरण पर ध्यान केंद्रित करना मंत्रालय की प्राथमिकता है। नए पटरियों का निर्माण उन स्थानों / हिस्सों में किया जाना चाहिए जहां दुर्घटनाएं ज्यादा हो रही है या जहां ट्रैक बदलना बाकी है।












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