हंगामेदार रहा मानसून सत्र, पीयूष गोयल बोले- कार्यवाही बाधित करने के लिए विपक्षी सांसदों पर हो कार्रवाई
नई दिल्ली, 11 अगस्त। कोरोना काल के बीच 19 जुलाई को शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र आज (बुधवार) अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। मानसून सत्र के लिए 19 जुलाई से 13 अगस्त तक की तारीख तय की गई थी लेकिन विपक्ष के हंगामे की वजह से दो दिन पहले ही सत्र को समाप्त कर दिया गया। दिन की शुरुआत में पहले लोकसभा और फिर बाद में राज्यसभा की कार्यवाही को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। पूरा मानसून सत्र पेगासस जासूसी मामले और कृषि कानून समेत कई मुद्दों को लेकर हंगामेदार रहा, हालांकि इस बीच कई विधेयक भी पारित किए गए।

संसद के दोनों सदनों, राज्यसभा और लोकसभा में बुधवार को भी विपक्ष लगातार केंद्र सरकार से पेगासस मामले पर चर्चा की मांग करता रहा। कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद राज्यसभा में नेता सदन पीयूष गोयल ने विपक्षी सांसदों पर हमला बोला। उन्होंने संसद में हंगामा करने वाले सांसदों पर के खिलाफ कठोर एक्शन की मांग भी की। राज्यसभा में बोलते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्ष पहले दिन से ही सोच कर बैठा था कि सदन को नहीं चलने दिया जाएगा, इसलिए बार-बार कार्यवाही को बाधित किया गया।
राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने आगे कहा, 'विपक्ष की मंशा आज पूरी तरह से दिखी। जिस तरह से पैनल चेयरमैन, टेबल स्टाफ और महासचिव पर हमला करने की कोशिश की गई। एक निंदनीय घटना में एक महिला सुरक्षा कर्मचारी को चोट पहुंचाने का प्रयास किया गया। विपक्षी सदस्यों ने मुझे और संसदीय कार्य मंत्री को हमारे कक्षों से बाहर आने से रोकने की भी कोशिश की। यह दुर्भाग्यपूर्ण है, सदन और देश को इस तरह का व्यवहार कभी बर्दाश्त नहीं करना चाहिए।'
यह भी पढ़ें: काले कुर्ते और साड़ियों में संसद पहुंचे विपक्षी सांसद, कहा- सरकार हमारी आवाज को दबा रही
विपक्षी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पीयूष गोयल कहते हैं, 'हम मांग करते हैं कि विपक्षी सदस्यों द्वारा घोर अनुशासनहीनता की घटनाओं की समीक्षा के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए।' उन्होंने कहा, इस सदन में विपक्ष के नेता ने हमारे मंत्री के हाथ से पेपर छीनकर फेंका, लगातार चेयर का अपमान किया गया और विपक्ष को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। बता दें कि मानसून सत्र के बीच विपक्ष लगातार कहता रहा कि पहले सरकार पेगासस जासूसी मामले पर चर्चा के लिए तैयार हो उसके बाद ही संसद में गतिरोध खत्म होगा।












Click it and Unblock the Notifications