2 से 18 वर्ष की आयु वर्ग पर वैक्सीन ट्रायल की मंजूरी को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती, जनहित याचिका दायर
नई दिल्ली, 18 मई। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने पिछले सप्ताह जानकारी दी थी कि ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने 2 से 18 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के लिए कोवैक्सीन के दूसरे व तीसरे चरण के परीक्षण को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद भारत बायोटेक परीक्षण की तैयारी में लग गया था लेकिन अब इस काम में और समय लगने की उम्मीद है क्योंकि मंगलवार को परिक्षण के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है।

गौरतलब है कि 2 से 18 साल के एज ग्रुप में दूसरे और तीसरे फेज का ट्रायल शुरू करने को लेकर डीसीजीआई ने पहली ही मंजूरी दे दी थी जबकि केंद्र सरकार की ओर से इसे लेकर एक अधिसूचना भी जारी किया जा चुका है। इस अधिसूचना के खिलाफ अब दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर चुनौती दी गई है। याचिका में 2 से 18 वर्ष की आयु के लोगों पर भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोवैक्सीन के दूसरे और तीसरे फेज के क्लीनिकल ट्रायल को अनुचित करार दिया गया है।
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10-12 दिनों में शुरू होगा ट्रायल
बता दें कि मंगलवार को नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने बताया कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीई) ने 2 से 18 वर्ष के आयु वर्ग में दूसरे और तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के लिए कोवैक्सीन को मंजूरी दी है। मुझे बताया गया है कि अगले 10-12 दिनों में ट्रायल शुरू हो जाएंगे। भारत बायोटेक कोवैक्सीन का 525 स्वस्थ वालिंटियर पर ट्रायल करेगा। भारत बायोटेक दिल्ली और पटना के एम्स और नागपुर के मेडिट्रिना चिकित्सा विज्ञान संस्थान में किया जाएगा। देश में इस समय कोरोना की दूसरी लहर के चलते काफी मौतें हो रही हैं। वहीं कहा जा रहा है कि अगले साल कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है।












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