जश्न-ए-आजादीः बाढ़ में डूबकर भी दी तिरंगे को सलामी, देखें तस्वीरें
नई दिल्ली। भारत अपना 70वां स्वतंत्रता दिवस पूरे हर्षो-उल्लास के साथ मना रहा है। आज सुबह लाल किले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। देश के हर कोने से आज वंदे मातरम की आवाज आ रही है। दिल्ली समेत देश के विभिन्न भागों में लोगों ने अपनी आजादी का जश्न मना रहे हैं। आज स्कूलों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
जगह जगह ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान हुए जिसके बाद पूरा देश एक रंग में रंग गया है और वो रंग है आजादी का..इस रंग की सोंधी खुशबू से आप भी दो-चार होइये जश्न के आजादी के तस्वीरों के साथ।

चारों ओर तिरंगा ही तिरंगा
स्कूली छात्रों ने हर्षो-उल्लास के साथ 15 अगस्त का जश्न मनाया। इस दौरान कहीं-कही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए तो कहीं स्कूलों में आज का दिन शहीदों के नाम रहा।

बीएसएफ के जवान
अटारी में बीएसएफ के जवान स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जश्न मनाते हुए। देश का नागरिक आज अगर चैन की नींद सो रहा है तो इसके पीछे देश के ये प्रहरी हैं, भारत मां के वीरों को हमारा भी दिल से सलाम।

रंगारंग कार्यक्रम
रंगारंग कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पटियाला में रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करने के बाद बैठी स्कूली छात्राएं, तो वहीं कोयंबटूर में स्कूली छात्र जवाहरलाल नेहरू के रूप में नजर आये।

स्वतंत्रता दिवस
देश के अलग-अलग राज्यों के सीएम ने अपने-अपने राज्यों की राजधानी में झंडा फहराया तो वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस।
सजर्किल स्ट्राइक का जिक्र
प्रधानमंत्री ने स्वाधीनता दिवस के अवसर पर लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम संबोधन में पिछले साल नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादी ठिकानों पर की गई सजर्किल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया ने भारतीय सुरक्षा बलों की क्षमता को समझ लिया है। मोदी ने कहा, 'राष्ट्रीय सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हम सभी क्षेत्रों में अपने देश की रक्षा करने में सक्षम हैं।'
जश्न-ए-आजादी
बाढ़ में डूबे असम से स्वतंत्रता दिवस की सबसे जोशीली तस्वीरें सामने आईं। जमीन नहीं मिली, तो छत पर तिरंगा फहराया गया।यही नहीं, पानी में आधे डूबकर तिरंगे को सलामी दी गई।

तिरंगे को सालामी
असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बारिश भी लोगों के अंदर देश भक्ति की भावनाओं को रोक नहीं सकी। इस दौरान लोगों नांव में बैठकर झंडा फहराकर तिरंगे को सालामी दी गई हैं। असम में बाढ़ की स्थिति खराब होने के चलते 10 लोगों की मौत हुई है, जहां 21 जिलों में 22.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और बचाव के लिए सेना को बुलाया गया है।

बाढ़ का पानी
असम के नागांव, ढुबरी और बारपेटा जिलों में बाढ़ का पानी भरने के बावजूद स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराया गया।












Click it and Unblock the Notifications