फाइजर का दावा- कोरोना के डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ मेरी वैक्सीन 90% तक प्रभावी
नई दिल्ली, जून 24: कोविड की संभावित तीसरी लहर की चिंताओं के बीच, देश में डेल्टा प्लस वेरिएंट के मामलों ने लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है। इसी बीच कोरोना वायरस का टीका बनाने वाली अमेरिकी कंपनी फाइजर ने कहा है कि उसकी वैक्सीन कोविड-19 के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ अत्यधिक प्रभावी है। बता दें कि, फाइजर कोरोना वैक्सीन की सप्लाई के लिए भारत के साथ एक समझौता करने के अंतिम चरण में है।

भारत में, दूसरी लहर के पीछे डेल्टा वेरिएंट को कारण माना जाता था। वेरिएंट का एक दूसरा म्यूटेंट डेल्टा प्लस भारत के अलावा यूके और यूएस सहित कुछ अन्य देशों में भी रिपोर्ट किया गया है। नए वेरिएंट मिलने के बाद से भी वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों यह रिसर्च करने में जुट गई हैं कि उसका टीका इनके खिलाफ कितना प्रभावी है। रॉयटर्स ने कहा है कि इज़राइल में फाइजर के चिकित्सा निदेशक एलोन रैपापोर्ट ने स्थानीय प्रसारक आर्मी रेडियो को बताया है कि लैब में चल रही रिसर्च के अनुसार कोरोना वायरस डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ उसकी वैक्सीन 90 फीसदी तक प्रभावी है। फाइजर के इस बयान से भारत सरकार को भी राहत मिलेगी।
फाइजर भारत में टीके की आपूर्ति के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उसे सरकार से अनुमति का इंतजार है। अगर फाइजर वैक्सीन देश को मिल जाती है तो ऐसे में भारत में व्यापक स्तर पर चल रहे टीकाकरण अभियान को और गति मिलेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि भारत के टीकाकरण अभियान का हिस्सा रहे दो टीके कोविशील्ड और कोवैक्सिन दोनों डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी हैं। भारत में फिलहाल तीन वैक्सीन( कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पूतनिक वी) को इमरजेंसी उपयोग की मंजूरी मिली है।
भारत में उपलब्ध रूस निर्मित वैक्सीन स्पुतनिक वी ने भी दावा किया है कि वैक्सीन डेल्टा संस्करण के खिलाफ प्रभावी है। भारत से पहली बार रिपोर्ट किया गया डेल्टा वेरिएंट पिछले वेरिएंट की तुलना में अधिक वायरल साबित हुआ है। यूके में सामने आ रहे सभी कोरोना मामलों के लिए यही वेरिएंट जिम्मेदार है। फाइजर के सीईओ डॉ अल्बर्ट ने कहा कि भारत सरकार के साथ समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है।












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