योग और कराटे के नाम पर कैसे आतंक की ट्रेनिंग देता था PFI, NIA ने खोला कच्चा चिट्ठा
पीएफआई योग और कराटे के नाम पर आतंकवाद की ट्रेनिंग देता था। इसको लेकर एनआईए ने चार्जशीट दाखिल कर दी है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) द्वारा आतंकी प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने और आतंकी गतिविधियों में लोगों को शामिल करने के लिए तेलंगाना से 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। अब जांच एजेंसी ने उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। एनआईए के मुताबिक आरोपी भोले-भाले मुस्लिम युवाओं का ब्रेनवॉश करते थे। इसके बाद वो उनके अदंर कुछ संगठनों और व्यक्तियों के खिलाफ नफरत घोलते थे। इसके लिए उन्होंने कई भाषणों का इस्तेमाल किया। इसी जरिए से लगातार पीएफआई में भर्ती हो रही थी।
हैदराबाद में एक विशेष अदालत में दायर एनआईए चार्जशीट में काफी अहम खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक पीएफआई में भर्ती होने के बाद मुस्लिम युवाओं को योग कक्षाओं और शारीरिक शिक्षा (पीई) की आड़ में आतंकवाद की ट्रेनिंग दी जाती थी। उनको रोजमर्रा की चीजों, जैसे- चाकू, दरांती, लोहे की छड़ों आदि से प्रशिक्षण दिया जाता है। उनको बताया जाता था कि इन हथियारों से कैसे शरीर के कमजोर अंगों, जैसे- गले, पेट, सिर आदि पर हमला किया जाए, जिससे आदमी की तुरंत मौत हो।
कराटे के नाम पर भी ट्रेनिंग
एनआईए को जांच में पता चला कि पीएफआई के शिविर योग और कराटे ट्रेनिंग के नाम पर चलते थे, लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं होता था। वहां पर युवाओं को आतंक के रास्ते पर जाने की ट्रेनिंग दी जाती थी। इसके लिए बकायदा विदेशों से फंडिंग होती थी। जांच एजेंसी ने अब इसकी पूरी जानकारी कोर्ट को दी है।
मामले में ये हैं आरोपी
अब्दुल खादर, अब्दुल अहद, शेख इलियास अहमद, अब्दुल सलीम, शेख शादुल्ला, फिरोज खान, मोहम्मद उस्मान, सैयद याहिया समीर, शेख इमरान, मोहम्मद अब्दुल मुबीन और मोहम्मद इरफान।
5 साल के लिए लगा है प्रतिबंध
आपको बता सितंबर में गृह मंत्रालय ने पीएफआई को बैन कर दिया था। अब खबर आ रहा कि बैन के बाद ये संगठन कई आतंकी संगठनों के संपर्क में है। साथ ही उनसे फंड लेकर दूसरे नाम से अपना नेटवर्क चलाना चाहता है। इसको लेकर एक दिन पहले केरल में एनआईए ने छापेमारी भी की थी।












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