CJI की नियुक्ति को चुनौती वाली समीक्षा याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में खारिज, लग चुका है 1 लाख का जुर्माना
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की नियुक्ति को चुनौती देने वाली समीक्षा याचिका को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता नियुक्ति में गलतियां बताने में सक्षम नहीं है।

Delhi High Court: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की नियुक्ति को चुनौती देने वाली एक समीक्षा याचिका को दिल्ली हाइकोर्ट ने खारिज कर दी। पुनर्विचार याचिका पर बहस करते हुए याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे पिछली पीठ द्वारा उसकी याचिका को पढ़ने की अनुमति भी नहीं दी गई थी और उसके दोस्तों को उसके मामले की सुनवाई के लिए अदालत परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई थी। जिस पर सुनवाई कर रही हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा और विकास महाजन की पीठ ने कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के रूप में नियुक्ति की चुनौती को खारिज करने के बाद मामले की फिर से सुनवाई की आड़ में दायर की गई थी, जो कि स्वीकार्य नहीं है।
दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में नियुक्ति की चुनौती देने वाली एक याचिका के आदेश की समीक्षा को लेकर याचिका दायर की गई थी। जिसे आदालत ने खारिज दिया। इसके साथ याचिका पर सुनवाई कर करी दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से सवाल किया कि इस नियुक्ति में कमियां बताई जाए। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता नियुक्ति में कमियां बताने में सक्षम नहीं है। न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा और विकास महाजन की पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय की एक अन्य पीठ द्वारा पारित 11 नवंबर, 2022 के आदेश की समीक्षा के लिए कोई आधार नहीं बनाया गया, जिसने याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
लग चुका है 1 लाख का जुर्माना
जस्टिस संजीव सचदेवा और विकास महाजन की डबल बेंच ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता रिकार्ड में कोई गलती दिखाने में सक्षम नहीं है, इसलिए यह याचिका खारिज की जाती है। दिल्ली हाई कोर्ट इससे पहले मामले में दायर याचिका को पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन बताया था। याचिका खारिज करने के साथ ही याचिकाकर्ता संजीव कुमार तिवारी पर एक लाख का जुर्माना भी लगाया था।
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