जानिए लोग कैसे-कैसे श्राप दे रहे हैं झारखंड की शिक्षामंत्री को?
बेंगलुरु। महज छह दिन पहले झारखंड की शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने डा. एपीजे अब्दुल कलाम की फोटो पर माला चढ़ाया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर दी। इस वक्त नीरा स्तब्ध हैं। उन्हें खुद नहीं समझ आ रहा है कि ऐसा क्यों हुआ, लेकिन अगर ऊपर वाले के बुलावे जैसी परम्परा को मानते हैं, तो शायद आपको यकीन हो जायेगा, कि वह घटना महज एक संयोग नहीं थी!
जी हां कहते हैं कि ऊपर वाला जब बुलाता है, तो पहले से संकेत मिलने लगते हैं। यह महज एक इत्तेफाक था कि कलाम साहब के निधन के ठीक छह दिन पहले ही उनकी फोटो पर माला चढ़ गया। ऐसा नहीं है कि शिक्षा मंत्री नीरा यादव पढ़ी लिखी नहीं हैं, या फिर उन्हें इस बात का ज्ञान नहीं कि जीतेजी व्यक्ति की माला पर फूल नहीं चढ़ाते हैं। लेकिन कुछ तो ऐसा हुआ ही, कि उस दिन वो ऐसा कर गईं।
लोगों की मानें, तो वो कहेंगे कि नीरा यादव की हाय लग गई। पंडितों से पूछें, तो कहेंगे यमराज उसी दिन धरती पर दस्तक दे चुके थे। मौलाना कहेंगे अल्लाह का बुलावा उसी दिन आ गया, बस इतने अच्छे इंसान को ले जाने में देरी हुई। (नोट- हमने इस वाक्य में यमराज का नाम इसलिये लिखा है, क्योंकि कलाम न हिंदू थे, न मुसलमान, उन्हें हर धर्म के लोग चाहते थे, उन पर मरते थे।) सच पूछिए तो लोग झारखंड की शिक्षामंत्री को श्राप दे रहे हैं।
ट्विटर पर तो बवाल मचा हुआ है, हर कोई नीरा यादव को गरिया रहा है।
तवलीन सिंह अरूर ने लिखा- मैं चकित हूं, कि जिस व्यक्ति की तस्वीर पर छह दिन पहले झारखंड की मंत्री ने माला चढ़ाई आज वो हमारे बीच नहीं हैं।
रितु जोशी ने लिखा- कौन थी वो झारखंड की मंत्री। उससे कहिये कि फिर किसी की तस्वीर पर माला न चढ़ाये।
इदरीश उल हक ने लिखा- झारखंड की शिक्षा मंत्री को ज्योतिष मंत्री बना देना चाहिये।
संगुआक्षी ने लिखा- झारखंड की मंत्री को सारा पाप मिलेगा।
पीयूष पराशर ने लिखा- पांच दिन पहले का कृत्य याद आ रहा है।













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