Pegasus Case: शशि थरूर की अध्यक्षता वाले पर्ल पैनल ने ट्विटर और IRCTC को भेजा समन
नई दिल्ली, 26 अगस्त। कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता में सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति ने नागरिकों की डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के मुद्दे पर शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर के शीर्ष अधिकारियों और इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) के अधिकारियों को समन भेजा है।

पेगासस स्पाईवेयर मामले में संसदीय पैनल उन रिपोर्टों का अध्ययन कर रह है, जिसमें सोशल मीडिया कंपनी में सुरक्षा के एक पूर्व प्रमुख ने अमेरिकी अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज की है कि कंपनी ने अपने साइबर सुरक्षा सुरक्षा और नकली खातों के साथ अपनी समस्याओं के बारे में को गुमराह किया। इस मुद्दे पर संसदीय पैनल शुक्रवार को बैठक करेगा। इससे पहले गुरुवार को संसदीय पैनल ने ट्विटर और आईआरसीटीसी को तलब किया।
ट्विटर ने कहा ये झूठी कहानी
जबकि ट्विटर ने कहा कि यह एक झूठी कहानी थी। जिसका उद्देश्य उसके ग्राहकों, उसके शेयरधारकों का ध्यान भटकाने और उसे नुकसान पहुंचाना था। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ट्विटर के पूर्व सुरक्षा प्रमुख पीटर जटको ने यह भी आरोप लगाया है कि ट्विटर ने जानबूझकर भारत सरकार को अपने एजेंटों को कंपनी के पेरोल पर रखने की अनुमति दी थी, जहां उनके पास 'कंपनी के सिस्टम और उपयोगकर्ता डेटा तक सीधे असुरक्षित पहुंच' थी।
IRCTC के खिलाफ आरोप
आईआरसीटीसी के करीब 7.5 करोड़ सक्रिय उपयोगकर्ता हैं। जबकि इसके कुल यूजर 10 करोड़ से अधिक यूजर हैं। IRCTC ने अपने यात्री और माल ढुलाई ग्राहक डेटा का मुद्रीकरण से ₹1,000 करोड़ तक का राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा। इसके लिए एक सलाहकार को नियुक्त करने के लिए एक निविदा जारी की है। जिसके बाद IRCTC के अप्लीकेशन में यूजर्स को दी गई जानकारी जैसे 'नाम, आयु, मोबाइल नंबर, लिंग, पता, ई-मेल आईडी, यात्रा की श्रेणी, भुगतान मोड, लॉग इन या पासवर्ड समेत अन्य डेटा को बेंचने के आरोप लगा। जबकि आईआरसीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि मीडिया रिपोर्ट पूरी तरह से फर्जी थी और कंपनी अपना डेटा नहीं बेचती है और ऐसा करने का कोई इरादा नहीं है।
संसदीय पैनल कर रहा बैठक
मामले में पैनल नागरिकों की डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के मुद्दे पर तकनीकी कंपनियों, सोशल मीडिया फर्मों, मंत्रालयों और अन्य नियामकों सहित विभिन्न हितधारकों के साथ बैठकें कर रहा है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने पैनल के सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि आईआरसीटीसी के अधिकारियों के साथ बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।इस मामले को लेकर बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'जासूसी करना, धमकी देना और चोरी करना पीएम द्वारा वादा किए गए 'अमृतकाल' की नींव हैं।'
मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
इजरायली साफ्टवेयर पेगासस स्पाईवेयर के जरिए फोन हैक कर भारत के राजनेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस रमना, जस्टिस सूर्यकांत और हिमा कोहली की बेंच कर रही है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट आदेश पर सूचना प्रौद्योगिकी को लेकर संसदीय पैनल गठित किया गया है। जिसके अध्यक्ष कांग्रेस सांसद शशि थरूर हैं। मामले में सुनवाई के दौरान सीजेआइ ने कहा है कि पेगासस के अनधिकृत उपयोग की जांच के लिए उसके द्वारा नियुक्त तकनीकी पैनल ने 29 रिकॉर्ड्स की जांच की है,जिसमें 5 में मैलवेयर पाया गया। लेकिन इससे ये नहीं कहा जा सकता कि ये इजरायली स्पाइवेयर पेगासस स्पाइवेयर ही है।












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