मनमोहन सिंह पर आरोपों को लेकर राज्यसभा में कांग्रेस का हंगामा
शीतकालीन सत्र पर गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों का भी असर पड़ेगा। ये सत्र हंगामेदार होने के आसार हैं।
Recommended Video

नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया। लोकसभा में शोक समाचार पढ़ने के बाद कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं राज्यसभा में विपक्ष ने जबरदस्त हंगामा किया। गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर पीएम मोदी के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने हंगामा करते हुए पीएम मोदी से माफी की मांग की। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पूर्व पीएम पर पाकिस्तान के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप कोई साधारण आरोप नहीं है। पीएम मोदी को इसपर माफी मांगनी चाहिए। हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

इससे पहले उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा सदस्यता खत्म होने का ऐलान किया, इसपर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने नीतीश कुमार पर महागठबंधन तोड़ने का आरोप लगाते हुए दोनों सांसदों की सदस्यता रद्द करने का विरोध किया। कांग्रेस ने कहा कि बिहार में महागठबंधन को जनादेश मिला था। महागठबंधन तोड़कर नीतीश कुमार और भाजपा ने बिहार के जनादेश का अपमान किया है।
पीएम मोदी ने जताई सकारात्मक बहस की उम्मीद
लोकसभा में सत्र शुरू होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के नए मंत्रियों का संसद में परिचय कराया। सत्र शुरू होने से पहले संसद भवन पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मुझे उम्मीद है कि शीतकालीन सत्र में सकारात्मक बहस होगी। शीतकालीन सत्र से देश को लाभ होगा। सर्वदलीय बैठक से भी मुझे उम्मीद है कि देश को आगे बढ़ाने में सभी दल सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे। मुझे उम्मीद है कि शीतकालीन सत्र से देश का लोकतंत्र मजबूत होगा।'
शीतकालीन सत्र में 25 विधेयक लंबित
गौरतलब है कि इस सत्र में विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है। अलग-अलग मुद्दों को लेकर एनडीए सरकार को घेरने के लिए गुरुवार को विपक्ष के नेताओं ने एक बैठक में कर रणनीति बनाई। शीतकालीन सत्र पर गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों का भी असर पड़ेगा। शीतकालीन सत्र में 25 लंबित विधेयक और 14 नए विधेयक पेश कर सकती है। इनमें तीन तलाक के मामले में मुस्लिम महिला को गुजारा भत्ता दिए जाने के अधिकार से जुड़ा विधेयक भी शामिल है।
चुनाव के कारण करीब एक महीना देर से बुलाए गए इस सत्र की अवधि थोड़ी कम होगी। पिछले शीतकालीन सत्र के 21 दिवसीय कामकाज के मुकाबले इस सत्र में 14 दिन ही कामकाज होगा। हालांकि ऐसी उम्मीद है कि सरकार इस छोटी-सी अवधि में ही विधेयक पेश करेगी। इस सत्र में सरकार पर हमला करने के लिए विपक्ष अर्थव्यवस्था, कृषि क्षेत्र की बदतर हालत, जीएसटी और प्रवर्तन एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठा सकता है।












Click it and Unblock the Notifications