Sansad me aaj kya Hua: संसद में सीट नंबर 222 पर मिली 500 के नोटों की गड्डी, कांग्रेस सांसद पर उठ रहे सवाल
Parliament Winter Session Highlights: संसद के शीतकालीन सत्र में शुक्रवार को नोट कांड सामने आया है। जिस पर भाजपा ने खूब हंगामा किया। आरोप-प्रत्यारोप के दौर चले। सफाई दी भी गई। 500 रुपए के नोटों की गड्डी राज्यसभा में सीट नंबर 222 पर खी मिली है। यह सीट कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी को आवंटित की गई है।
संसद नोट कांड को भाजपा सांसदों ने गंभीर मामला बताते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग उठाई जबकि कांग्रेस जांच होने वाले सांसद का नाम सार्वजनिक करने पर पर आपत्ति जताई और खुद अभिषेक मनु सिंघवी ने भी मामले में अपनी सफाई दी।

संसद में कब-कैसे मिले नोट?
9 दिन से संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। शुक्रवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखडं ने बताया कि कल जब सुरक्षा कमर्चारी सदन में नियमित जांच कर रहे थे तो उन्हें कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी को आवंटित की गई 222 नंबर की सीट पर 500 रुपए के नोटों की गड्डी रखी मिली। परंपरा के अनुसार जांच का आदेश दिया गया है।
खड़गे बोले नहीं बताना चाहिए था सांसद का नाम
संसद नोट कांड पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सभापति को जांच पूरी हुए बिना सदस्य का नाम नहीं बताना चाहिए था। खड़गे के इस बयान पर भाजपा नेताओं ने उन पर पलटवार किया है। सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष कुछ मुद्दों पर उत्सुकता दिखा रहा है। जबकि अन्य मुद्दों पर पर्दा डालना चाहता है। नोट वाला मामला गंभीर है। विपक्ष और सत्ता पक्ष को विभाजित नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि यह सदन की गरिमा पर हमला है।
खड़गे के आपत्ति जताए जाने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि 'नाम लेने पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए? सभापति ने सीट संख्या और उस पर बैठने वाले सदस्य के बारे में बताया है। इसमें समस्या क्या है? सदन में नोटों की गड्डा लेकर आना उचित नहीं है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है। हम नहीं जानते कि उस तरफ और क्या मिल सकता है। किसी का नाम लिए बिना विपक्ष पर 'फर्जी नैरेटिव' की आड़ में संसद को बाधित करने का आरोप लगाया। हम सत्र दर सत्र देख रहे हैं। फर्जी नैरेटिव, फर्जी विचारों पर विपक्ष के नेता और अनैतिक गठबंधन के नेताओं ने सदन को रोक दिया है। वे विदेशी रिपोर्टों पर आधारित अपनी कहानी सुनाते हैं और सदन को रोकते हैं। क्या इसमें भी कोई साजिश है?
कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी ने सफाई देकर की जांच की मांग
कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि 'ये मेरे पैसे नहीं हैं। मेरे लिए यह गंभीर और हास्यास्पद दोनों ही तरह का मामला है। गुरुवार को मैं सिर्फ तीन मिनट के लिए सदन आया था। दोपहर 12 बजकर 57 मिनट पर सदन में दाखिल हुआ और एक बजे भोजनावकाश हो ग। सिर्फ तीन मिनट सदन में रहा और फिर डेढ़ बजे तक सांसद अयोध्या प्रसाद रेड्डी के साथ कैंटीन में भोजन किया। फिर सुप्रीम कोर्ट लौट आया। क्योंकि एक जरूरी मामले की सुनवाई थी।'
सिंघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि 'जब मैं राज्यसभा जाता हूं तो सिर्फ 500 रुपये का एक नोट लेकर आता हूं। इसके बारे में अभी पहली बार सुना। दोपहर 1:30 बजे तक कैंटीन में बैठा रहा और फिर संसद से बाहर चला गया। मैं कल सदन में कुल तीन मिनट रहा और संसद में 30 मिनट रहा। मुझे यह अजीब लगता है कि ऐसे मुद्दों पर भी राजनीति की जाती है। निश्चित रूप से इस बात की जांच होनी चाहिए कि लोग कैसे आ सकते हैं और किसी भी सीट पर कुछ भी रख सकते हैं। सदन में सबकी सीट तय होनी चाहिए। सीट पर ग्लास से घिरा ऐसा लॉक सिस्टम होना चाहिए जिसकी चाभी सिर्फ उसी सदस्य के पास हो। ताकि सभी सदस्य सिर्फ अपनी तय सीट पर ही बैठें। अब सीटें भी खतरनाक हो गई है।












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